महाराष्ट्र में राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (NEET) प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ सड़कों पर उतरे छात्रों और कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़ी राहत की खबर है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के गृह विभाग को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस द्वारा दर्ज सभी एफआईआर (FIR) वापस लेने के निर्देश दिए हैं.
सूत्रों के मुताबिक, पिछले सप्ताह ये प्रदर्शन मुख्य रूप से मुंबई, पुणे और नागपुर में हुए थे. यह सभी प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे नीट पेपर लीक विरोधी आंदोलन के समर्थन में किए गए थे. पुलिस ने इन मामलों में प्रदर्शनकारियों पर मुख्य रूप से गैरकानूनी जमावड़े (Unlawful Assembly) से संबंधित धाराएं लगाई थीं.
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छात्रों और विपक्ष का दबाव
मई में हुए नीट पेपर लीक मामले को लेकर 23 और 24 जुलाई को राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी संख्या में छात्रों, युवाओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था. प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा क्षेत्र में सुधार और तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी.
सोमवार को CJP ने गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों की तत्काल रिहाई और सभी एफआईआर वापस लेने की मांग की थी. पार्टी ने चेतावनी दी थी कि यदि सरकार मंगलवार तक लिखित समझौता नहीं देती है, तो आंदोलन फिर से शुरू किया जाएगा. इसके अलावा, शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने भी युवाओं पर दर्ज मामले और नोटिस वापस लेने की पुरजोर मांग की थी.
गृह विभाग ने शुरू की कार्रवाई
आपको बता दें कि महाराष्ट्र के गृह विभाग का प्रभार भी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास ही है. ऐसे में उनके सख्त निर्देश के बाद पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे आंदोलनरत युवाओं को बड़ी राहत मिलेगी.
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