उत्तर प्रदेश में महोबा के चरखारी तहसील क्षेत्र में रविवार शाम एक हृदयविदारक हादसा सामने आया है. रिवई गांव में मॉडल स्कूल के पीछे खोदे गए पानी से भरे गड्ढे में डूबने से तीन मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई. घटना के बाद ग्रामीणों और पुलिस ने डेढ़ घंटे के कड़े रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद तीनों बच्चों के शवों को बाहर निकाला.
पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है. वहीं इस घटना के बाद से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है.
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क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक रिवई गांव में मॉडल स्कूल के पीछे मिट्टी निकालने के लिए बड़ा गड्ढा खोदा गया था, जिसमें बारिश का पानी भरा हुआ था. शाम करीब छह बजे गांव के ही बच्चे वहां खेल रहे थे. इसी दौरान पैर फिसलने से तीन मासूम बच्चे पानी से भरे गहरे गड्ढे में समा गए.डूबने वाले बच्चों में 14 वर्षीय प्रिंस अहिरवार, 11 वर्षीय रोशनी अहिरवार और 10 वर्षीय अंशुल अहिरवार शामिल हैं.
परिजनों के अनुसार प्रिंस और रोशनी चचेरे भाई बहन है. जबकि अंशुल पड़ोस में रहने वाला बच्चा है. बच्चों के डूबने की खबर मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई. सूचना पर रिवई चौकी प्रभारी सुजीत जायसवाल, सीओ चरखारी दीपक दुबे और स्थानीय पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची.
पुलिस ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
चौकी इंचार्ज सुजीत जायसवाल ने खुद पानी में उतरकर स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तीनों बच्चों को गड्ढे से बाहर निकाला गया. परिजन और पुलिस तत्काल तीनों बच्चों को मरणासन्न अवस्था में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरखारी लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद तीनों मासूमों को मृत घोषित कर दिया.
अधिकारियों ने मदद का दिया आश्वासन
परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया. एसडीएम ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार पीड़ित परिवारों को सरकारी आर्थिक सहायता दिलाने की वैधानिक प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी. सीओ दीपक दुबे ने बताया कि तीनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. एक ही गांव के तीन चिरागों के बुझने से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है.
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