उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के सिद्धनडेरा गांव में आजादी के बाद से कच्ची पड़ी 500 मीटर सड़क बच्चों की पढ़ाई का रोड़ा बन गई है. बारिश के जलभराव से परेशान जेन अल्फा करीब 100 स्कूली बच्चे अपने अभिभावकों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और नारेबाजी की.
बच्चों की दर्दभरी पुकार पर बीएसए राहुल मिश्रा ने संवेदनशीलता दिखाई. उन्होंने एक बच्चे को गोद में उठाया और तुरंत गांव पहुंचकर हालात देखे. अधिकारियों ने जल्द सड़क निर्माण का आश्वासन दिया है.
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500 मीटर की कच्ची सड़क से ग्रामीण परेशान
सरकार कहती है कि बेटियां पढ़ें, लेकिन जब बेटियां कीचड़ में गिर जाएंगी तो पढ़ेंगी कैसे? यह दर्दभरे सवाल किसी बड़े नेता के नहीं, बल्कि महोबा की छात्रा आकांक्षा और चांदनी के हैं. इलाहीपुरा ग्योडी के सिद्धनडेरा गांव में जलभराव और जर्जर रास्ते से आजिज आकर प्राथमिक और जूनियर स्कूल के जेन अल्फा लगभग 100 मासूम बच्चे कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन करने पहुंच गए.
आजादी के बाद से आज तक 500 मीटर की यह सड़क कच्ची पड़ी है. हर रोज बारिश में पानी भरने की वजह से मासूम बच्चे कीचड़ में फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई पूरी तरह ठप हो रही है. ग्रामीण भी सालों से इस बदहाली को झेलने के लिए मजबूर हैं.
बीएसए ने दिखाई संवेदनशीलता
इस दौरान बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल मिश्रा का एक बेहद संवेदनशील चेहरा देखने को मिला. बच्चों की बात सुनते ही बीएसए ने एक मासूम को अपनी गोद में उठाया और बिना समय गंवाए ग्रामीणों और बच्चों के साथ सीधे सिद्धनडेरा गांव के लिए रवाना हो गए. गांव पहुंचकर उन्होंने सड़क का निरीक्षण किया और बच्चों के फिसलने व जलभराव की जगह को करीब से देखा. बीएसए ने ग्रामीणों को भरोसा दिया कि वे इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जल्द से जल्द जिलाधिकारी को सौंपेंगे ताकि रोड निर्माण का काम प्राथमिकता पर शुरू हो सके.
एडीएम ने सुनी समस्या-जल्द निस्तारण के आदेश
कलेक्ट्रेट पहुंचे बच्चे अपनी समस्या लेकर सीधे जिलाधिकारी से मिलना चाहते थे. हालांकि डीएम की अनुपस्थिति में एडीएम इंद्रानंदन सिंह ने बच्चों की बात सुनी. और मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम सदर शिवध्यान पांडे और बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल मिश्रा को मौके पर भेजा.एडीएम इंद्रानंदन सिंह ने भी त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है. बहरहाल, आजादी के बाद से अपनी पहली पक्की सड़क की उम्मीद लगाए बैठे इन मासूमों ने कहा कि अगर रोड बन गई, तो वे देश के मुख्यमंत्री को दिल से धन्यवाद देंगे.
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