मां के प्यार, उसकी तपस्या और बच्चों के बड़े होकर दूर चले जाने के दर्द पर पूर्व केंद्रीय मंत्री व अभिनेत्री स्मृति ईरानी के एक बयान ने इंटरनेट पर तहलका मचा रखा है. सोशल मीडिया पर उनके इस वायरल वीडियो को देखकर जहां आम लोग भावुक हो रहे हैं, वहीं देश के प्रमुख उद्योगपति आनंद महिंद्रा भी अपने आंसू नहीं रोक पाए. महिंद्रा ने स्मृति ईरानी के विचारों की जमकर सराहना की, लेकिन साथ ही एक बिंदु पर अपनी असहमति भी जाहिर की, जिसने इस चर्चा को और भी दिलचस्प बना दिया है.
क्या कहा था स्मृति ईरानी ने?
वायरल वीडियो में स्मृति ईरानी ने मां बनने की खूबसूरत मगर दर्दभरी यात्रा पर अपने विचार साझा किए थे. उन्होंने कहा कि एक मां सालों-साल अपने बच्चों की परवरिश में अपनी पूरी जिंदगी खपा देती है. वह अपनी हर खुशी त्याग देती है, लेकिन वही बच्चे जब बड़े और आत्मनिर्भर हो जाते हैं, तो अपनी-अपनी दुनिया में व्यस्त होकर आगे बढ़ जाते हैं. स्मृति ने महिला की सहनशक्ति और मां के अतुलनीय प्यार पर जोर देते हुए कहा था कि मां के इस समर्पण और ममता को दुनिया की किसी भी दौलत से खरीदा नहीं जा सकता.
The tragic beauty of being a mother… 🩶 pic.twitter.com/felVgdGHhw
— Smriti Z Irani (@smritiirani) August 6, 2026
आनंद महिंद्रा का भावुक जवाब
स्मृति ईरानी की बातें सीधे दिग्गज बिजनेसमैन आनंद महिंद्रा के दिल को छू गईं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर स्मृति के वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “स्मृति जी, आपने जो कहा उससे सिर्फ वहां बैठी महिलाएं ही नहीं, बल्कि मेरे जैसे कई पुरुषों की आंखें भी नम हो गईं. एक मां होने के दर्द और खुशी को आपने बेहद प्रभावशाली और भावुक तरीके से बयां किया है.”
It’s not just some women in that room, you made many men teary-eyed. @smritiirani , including me.
The pain & pleasure of being a mother.
So powerfully & emotionally articulated.I have only one point of dissonance:
I adored & cared for my mother till her last breath.… https://t.co/rbn1WZIFDl— anand mahindra (@anandmahindra) August 7, 2026
‘एक बात से है ऐतराज’
हालांकि, महिंद्रा ने स्मृति ईरानी की उस बात से असहमति जताई जिसमें बच्चों के बड़े होकर मां को छोड़ देने या भूल जाने का जिक्र था. अपनी मां को याद करते हुए महिंद्रा ने लिखा, “मेरी इस बात पर थोड़ी अलग राय है. मैंने अपनी मां की आखिरी सांस तक उनकी पूरी शिद्दत से देखभाल की. उन्होंने अपने निस्वार्थ प्यार से मुझे जो ताकत दी, उसके लिए मैं जिंदगी भर उनका शुक्रगुजार रहा. जब भी मैं अपनी जिंदगी के सबसे निचले दौर में होता था, मेरी मां मुझे अहसास कराती थीं कि मैं पहाड़ भी हिला सकता हूं. आज भी ऐसा कोई दिन नहीं जाता जब मैं उनकी यादों से प्रेरणा न लेता हूं.”
आखिर में महिंद्रा ने स्मृति ईरानी को दिलासा देते हुए लिखा, “मुझे पूरा यकीन है कि आपका बेटा भी आपसे अलग नहीं होगा और वह हमेशा आपका सहारा बनेगा.” आनंद महिंद्रा का यह जवाब अब सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया जा रहा है.
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यूजर्स ने दी अलग अलग प्रतिक्रियाएं
आनंद महिंद्रा के इस पोस्ट के सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स दो गुटों में बंट गए और अपनी-अपनी राय रखने लगे. एक यूजर ने लिखा: “स्मृति जी ने आज के कड़वे सच को बयां किया है. कई बार बच्चे चाहकर भी करियर और जिंदगी की भागदौड़ में मां-बाप से दूर हो जाते हैं. यह पढ़कर मेरी आंखें भर आईं.” दूसरे यूजर ने कमेंट किया…”आनंद महिंद्रा जी ने बिल्कुल सही बात कही. हर बच्चा अपनी मां को नहीं भूलता. मां-बाप की सेवा करना ही हमारी संस्कृति है.” तीसरे यूजर ने लिखा…”यह आज के दौर की सबसे जरूरी बहस है. दोनों ने अपनी-अपनी जगह बेहद खूबसूरत और सच्ची बात कही है. युवा पीढ़ी को इससे सबक लेना चाहिए.”
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