उत्तराखंड में अगले दो दिन मौसम बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाला है. मौसम विभाग ने 9 और 10 अगस्त को कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली की चेतावनी जारी की है. 9 अगस्त को बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चमोली, जबकि 10 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल और चंपावत में ऑरेंज अलर्ट है.
मौसम विभाग की चेतावनी ऐसे समय आई है, जब प्रदेश में बारिश और आपदा का असर पहले से दिखाई दे रहा है. सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक 1 अप्रैल 2026 से अब तक प्राकृतिक आपदाओं में 29 लोगों की मौत, 32 लोग घायल और 38 लोग लापता बताए गए हैं. इस दौरान 771 बड़े और 639 छोटे पशुओं के हताहत होने की भी रिपोर्ट है.
9 अगस्त को इन जिलों पर ज्यादा खतरा
9 अगस्त को बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चमोली में कुछ स्थानों पर बहुत तेज से अत्यंत तेज बारिश और आकाशीय बिजली की संभावना जताई गई है. वहीं देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और चंपावत में भी कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. इसके अलावा प्रदेश के बाकी हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ तेज से बहुत तेज बारिश के दौर की आशंका है.
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10 अगस्त को चार जिलों में Orange Alert
10 अगस्त को मौसम और ज्यादा खराब हो सकता है. देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल और चंपावत में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत तीव्र बारिश और बिजली चमकने की संभावना है. उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी, पौड़ी, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर में भी कहीं-कहीं भारी बारिश का अलर्ट है.
बारिश का असर: 64 सड़कें बंद
मौसम की मार का असर सड़क संपर्क पर भी पड़ रहा है. 8 अगस्त की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में कुल 64 सड़कें बंद थीं. इनमें देहरादून में 6, नैनीताल में 6, पिथौरागढ़ में 12, रुद्रप्रयाग में 3, टिहरी में 5 और उत्तरकाशी में 11 सड़कें शामिल हैं. ऐसे में अगले दो दिनों की भारी बारिश पहाड़ी इलाकों में सड़क और यातायात व्यवस्था के लिए चुनौती बढ़ा सकती है.
भूस्खलन से लेकर अचानक बाढ़ तक का खतरा
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के दौरान संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन और चट्टान गिरने की घटनाएं हो सकती हैं. इससे सड़कें, राजमार्ग और पुल बाधित या क्षतिग्रस्त हो सकते हैं. नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने के साथ निचले इलाकों में जलभराव और कुछ स्थानों पर अचानक बाढ़ का खतरा भी बताया गया है. लगातार बारिश की स्थिति में बांधों और बैराजों से पानी का डिस्चार्ज बढ़ने से प्रमुख नदियों और उनकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है.
चारधाम यात्रियों और पर्यटकों को भी सलाह
मौसम विभाग ने चारधाम और अन्य पर्यटन स्थलों की यात्रा करने वाले यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है. लगातार या भारी बारिश के दौरान जरूरत न होने पर यात्रा से बचने और पहाड़ी ढलानों पर विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है.
आकाशीय बिजली को लेकर भी चेतावनी
8 से 12 अगस्त के दौरान गरज-चमक और आकाशीय बिजली की घटनाओं को लेकर भी सावधानी बरतने को कहा गया है. बिजली चमकने के दौरान लोगों को पक्के मकानों के भीतर रहने और पेड़ों के नीचे शरण नहीं लेने की सलाह दी गई है.
आपदा विभाग अलर्ट मोड पर
मौसम की गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी संबंधित जिलों को सतर्क रहने और 24×7 अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं. अधिकारियों को जरूरी संसाधन और उपकरण तैयार रखने तथा सड़क बंद होने की स्थिति में तत्काल मार्ग खोलने की कार्रवाई करने को कहा गया है.
प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लें. भारी बारिश के दौरान नदी-नालों, गदेरों और बरसाती नालों के आसपास जाने से बचें. जलभराव वाले रास्तों, कमजोर पुलों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक जोखिम न लें.
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