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माल ढुलाई में आएगी तेजी! 130 की रफ्तार से दौड़ी वंदे भारत फ्रेट, कब शुरू होगी सेवा?


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  • इसमें रेफ्रिजरेटेड सुविधा भी उपलब्ध है।

Vande Bharat Freight Train: भारतीय रेलवे ने समय के साथ यात्रियों की सुविधाओं और तेज सफर को ध्यान में रखते हुए कई काम किए हैं. कम समय में सफर पूरा हो, इसके लिए वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों की शुरुआत की गई है. इस ट्रेन की मदद से यात्रियों का सफर जल्दी पूरा होता है और साथ ही वंदे भारत में कई सारी जरूरी सुविधाएं भी यात्रियों के लिए उपलब्ध कराई गई है.

ऐसे में भारतीय रेलवे अब केवल यात्रियों का सफर तेज करने पर ही नहीं, बल्कि माल ढुलाई को भी तेज बनाने पर काम कर रहा है. इसी दिशा में देश की पहली वंदे भारत फ्रेट ट्रेन का ट्रायल सफल हुआ है. 

कहां किया गया ट्रायल?

बता दें कि वंदे भारत फ्रेट ट्रेन का 130 किमी/घंटे की स्पीड से सफल ट्रायल पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा रोलखुर्द सेक्शन पर किया गया. ट्रायल के दौरान कई चीजों की जांच की गई है. 

ट्रेन आम लोगों के आएगी काम?

कई लोगों के मन में सवाल होगा कि क्या ये ट्रेन आम यात्रियों के लिए शुरू की जा रही है तो ऐसा नहीं है. ये ट्रेन ई-कॉमर्स सामान और पार्सल की तेज ढुलाई के लिए है. इस ट्रेन को शुरू करने का मकसद है कि सामान कम समय में एक जगह से दूसरी जगह पहुंचे. 

वंदे भारत फ्रेट ट्रेन सामान्य मालगाड़ी से अलग है?

जी हां, वंदे भारत फ्रेट ट्रेन सामान्य मालगाड़ी से अलग है इसके कई कारण हैं जैसे…

  • वंदे भारत फ्रेट सेल्फ-प्रोपेल्ड EMU तकनीक पर आधारित है तो वहीं सामान्य मालगाड़ी लोकोमोटिव से खींची जाती है.
  • वंदे भारत फ्रेट को ऐसे डिजाइन किया गया है कि सामान कम समय में दूसरी जगह पहुंच सके.
  • अगर कोई सामान जल्दी खराब होने वाला है तो उसके लिए रेफ्रिजरेटेड सुविधा भी मौजूद है.
  • स्पीड तेज होने की वजह से वंदे भारत फ्रेट ट्रेन से सामान जल्दी पहुंचेगा.

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कब शुरू होगी माल ढुलाई?

अभी इस ट्रेन का ट्रायल केवल सफल रहा है, लेकिन अभी तक रेलवे की तरफ से इसके शुरू होने की कोई भी तारीख घोषित नहीं की गई है. साथ ही अभी इस ट्रेन को शुरू करने से पहले जरूरी सुरक्षा मंजूरी और प्रमाणन लेना बाकी है.

किन चीजों की हुई जांच?

वंदे भारत फ्रेट ट्रेन का 130 किमी/घंटे की रफ्तार के दौरान इसकी कई तकनीकी जांच की गई. इनमें शामिल है…

  • ट्रैक्शन और ब्रेकिंग सिस्टम
  • जर्क का स्तर
  • रीजनरेटिव ब्रेकिंग
  • थर्मल क्षमता
  • तेज रफ्तार में ट्रेन का एक्सेलरेशन शामिल रहा है.

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