पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले की एक अदालत ने नंदीग्राम उपचुनाव के लिए कांग्रेस के उम्मीदवार मिलन प्रधान को 19 साल पहले खेजुरी थाने में दर्ज एक मामले में सोमवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
कांथी अदालत ने प्रधान को पांच अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा है. उनके वकील अयन भट्टाचार्य ने यह जानकारी दी और कहा कि वह इस आदेश को कलकत्ता उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे.
प्रधान पर है हत्या का आरोप
प्रधान को इससे पहले 19 सितंबर को हल्दिया की एक अदालत ने हत्या समेत कई आरोपों के मामले में तीन अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा था. ये मामले 2007 के नंदीग्राम भूमि आंदोलन से जुड़े हैं.
इन आदेशों के कारण प्रधान के लिए खुद के पक्ष में चुनाव प्रचार करने का मौका लगभग खत्म हो गया है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा खाली की गई विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव के लिए प्रचार चार अक्टूबर को समाप्त हो जाएगा.
अधिकारी ने इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी को हराने के बाद नंदीग्राम सीट से इस्तीफा दे दिया था और भवानीपुर सीट का प्रतिनिधित्व करने का फैसला किया था. उन्होंने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीट से चुनाव लड़ा था.
ममता ने किया था समर्थन
बता दें कि मिलन प्रधान की गिरफ़्तारी ठीक उसी दिन हुई, जिस दिन ममता बनर्जी ने उन्हें समर्थन देने का ऐलान कर दिया था. ममता बनर्जी ने कांग्रेस के उम्मीदवार को समर्थन इसलिए दिया क्योंकि उनकी प्रत्याशी ने cm शुभेन्दु अधिकारी से मिलने के बाद अपना नाम वापस ले लिया था.
राहुल गांधी ने कहा यह गिरफ़्तारी संयोग नहीं, प्रतिशोध
मिलन प्रधान की गिरफ़्तारी पर राहुल गांधी ने कहा था कि ‘नंदीग्राम उपचुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी कोई संयोग नहीं है.राजनीतिक प्रतिशोध है’
पश्चिम बंगाल विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने सोशल मीडिया X पर लिखा- “हम, डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस ने मिलन प्रधान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, जिन पर हत्या के तीन मामले लंबित हैं.”
Input By : PTI(भाषा)
