- नगरपालिका अधिकारियों को नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी हों.
बकरीद के त्योहार आने को है और मुस्लिम समुदाय इसकी तैयारियों में जुटा है. इस बीच मुंबई में खुले में कुर्बानी को राजनीति शुरू हो गई है. बीजेपी नेता और पूर्व सांसद डॉ. किरीट सोमैया ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि बकरीद और अन्य मौकों पर मुंबई भर की हाउसिंग सोसायटियों, चालों और खुले स्थानों में होने वाली बकरियों की कुर्बानी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और इस पर रोक लगाने की मांग की है.
इस संबंध में, सोमैया ने मेयर ऋतु तावड़े को एक पत्र लिखा है. इस पत्र की जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए दी है. पत्र में उन्होंने कहा है कि बकरीद के मौके पर, कुछ जगहों पर खुले में नियमों का उल्लंघन करते हुए बकरियों की कुर्बानी दी जा रही है.
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“Bakri” Goats cannot be slaughtered in residential complexes, housing societies and chawls on the occasion of Bakri Eid
I have requested the Mumbai Mayor, BMC & Police Commissioner
We will NOT allow Open Slaughter in the Name of Religious Ceremony pic.twitter.com/PMsALxpCzf
— Kirit Somaiya (@KiritSomaiya) May 17, 2026
पत्र में किरीट सोमैया ने क्या लिखा?
उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम और कोर्च द्वारा समय-समय पर इस मामले पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद, कुछ इलाकों में अभी भी नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. सोमैया ने अपने पत्र में मेयर से बकरीद के त्योहार से पहले शहर की सीमा के अंदर पशु वध कानूनों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए नगरपालिका अधिकारियों को नए और कड़े दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है. उन्होंने बताया कि कानून के तहत, मुंबई में किसी भी बस्ती या रिहायशी इलाके के पास बकरियों की कुर्बानी या वध नहीं किया जा सकता है. सोमैया ने पत्र में कहा कि नगर निगम को इस मामले में सभी वार्ड कार्यालयों और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी करने चाहिए.
इसके अलावा, अपने पत्र के माध्यम से उन्होंने अनुरोध किया है कि प्रशासन तत्काल निर्देश जारी करे ताकि नगर निगम के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके. बता दें कि इस साल बकरीद 27 मई 2026 को मनाए जाने की संभावना है, लेकिन आखिरी तारीख चांद दिखने पर निर्भर करती है. ऐसे में बकरीद करीब आने के साथ ही, यह मुद्दा एक बार फिर सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में आ गया है. अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नगर प्रशासन इस मामले पर क्या रुख अपनाएगा.
