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यूक्रेन के हमले में 13 की मौत, रूस ने बताया दो साल का सबसे भयावह हमला


Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. सोमवार को यूक्रेन की ओर से रूस के तातारस्तान क्षेत्र में किए गए ड्रोन हमले में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 75 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है. यह हमला तातारस्तान के निज़नेकामस्क शहर में किया गया. स्थानीय अधिकारियों ने इसे पिछले दो वर्षों में क्षेत्र पर हुआ सबसे भयावह हमला बताया है.

यूक्रेन का जबरदस्त ड्रोन अटैक

निज़नेकामस्क मॉस्को से करीब 600 मील पूर्व में स्थित है और यह रूस के महत्वपूर्ण औद्योगिक शहरों में शामिल है. यहां तेल रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल से जुड़ी कई महत्वपूर्ण औद्योगिक इकाइयां हैं. हाल के दिनों में यूक्रेन की ओर से तातारस्तान के औद्योगिक ठिकानों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में शहर के आसपास जोरदार धमाके और आसमान में धुएं के बड़े गुबार दिखाई दे रहे हैं. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ड्रोन हमले में कौन-कौन से ठिकाने या प्रतिष्ठान सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं. रूसी अधिकारियों की ओर से हमले के बाद नुकसान का आकलन किया जा रहा है.

रूस ने संघर्ष रोकने से किया इनकार

इस बीच, रूस ने यूक्रेन के साथ जारी संघर्ष को अस्थायी रूप से रोकने या ‘फ्रीज’ करने के विकल्प को खारिज कर दिया है. रूस के उप विदेश मंत्री मिखाइल गलुजिन ने कहा है कि संकट का समाधान तभी संभव है, जब उसके मूल कारणों को खत्म किया जाए. रूसी समाचार एजेंसी ‘तास’ को दिए एक इंटरव्यू में गलुजिन ने कहा कि रूस का मानना है कि मौजूदा संकट की जड़ में मौजूद कारणों को दूर किए बिना किसी अस्थायी युद्धविराम या संघर्ष को फ्रीज करने का कोई मतलब नहीं है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कई बार स्पष्ट कर चुके हैं कि रूस स्थायी समाधान चाहता है और इसके लिए संघर्ष के मूल कारणों को खत्म करना जरूरी है.

जेलेंस्की पर रूस का बड़ा आरोप

मिखाइल गलुजिन ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि जेलेंस्की हकीकत से पूरी तरह कट चुके हैं और संघर्ष को और बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. गलुजिन के मुताबिक, यूक्रेन की कार्रवाइयों से उन देशों में भी नाराजगी बढ़ रही है, जिन्हें कीव अपना साझेदार मानता है. रूसी उप विदेश मंत्री ने नागरिक और ऊर्जा ढांचे पर कथित हमलों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि जुलाई और अगस्त में यूक्रेनी बलों ने ड्रोन के जरिए कैस्पियन पाइपलाइन कंसोर्टियम यानी CPC के संचालन से जुड़ी सुविधाओं को निशाना बनाया. रूस ने इन हमलों को आतंकवादी गतिविधियों के तौर पर पेश किया है.

CPC को लेकर रूस ने पश्चिम से मांगी प्रतिक्रिया

गलुजिन ने कहा कि रूस को उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इन घटनाओं पर उचित प्रतिक्रिया देगा. उन्होंने खास तौर पर अमेरिका और यूरोपीय देशों का जिक्र किया और कहा कि इन देशों का कीव सरकार पर प्रभाव है. साथ ही, कई पश्चिमी तेल और गैस कंपनियों की CPC में हिस्सेदारी भी है. रूस का कहना है कि CPC कजाखस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और उसके संचालन से जुड़े किसी भी हमले का व्यापक आर्थिक प्रभाव पड़ सकता है. गलुजिन ने यह भी कहा कि रूस को भरोसा है कि उसके कजाख साझेदार आतंकवाद के हर रूप से मुकाबला करने की जरूरत को समझते हैं.

रूस का शांति पर अपना रुख साफ

रूस का कहना है कि यूक्रेन के आसपास जारी संघर्ष का स्थायी समाधान तभी संभव है, जब उसकी नजर में मौजूद मूल कारणों को खत्म किया जाए. गलुजिन ने कहा कि कीव की कथित आतंकवादी गतिविधियों पर रोक लगाना और संघर्ष की जड़ में मौजूद कारणों को दूर करना ही यूरेशिया में लंबे समय तक शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने का रास्ता है. रूस अपने ‘विशेष सैन्य अभियान’ के तहत इन्हीं लक्ष्यों को हासिल करने की बात कहता रहा है.

गलुजिन ने रूस के रुख को दोहराते हुए कहा कि सुरक्षा या तो सभी के लिए होती है या फिर किसी के लिए नहीं. कुल मिलाकर, तातारस्तान में हुआ ताजा ड्रोन हमला रूस और यूक्रेन के बीच बढ़ते तनाव की एक और गंभीर कड़ी है. एक तरफ यूक्रेन रूस के भीतर महत्वपूर्ण औद्योगिक और ऊर्जा ठिकानों को निशाना बना रहा है, तो दूसरी तरफ मॉस्को संघर्ष को अस्थायी रूप से रोकने के बजाय उसके मूल कारणों के समाधान पर जोर दे रहा है. ऐसे में दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के बजाय और बढ़ता दिखाई दे रहा है.

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