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‘राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार कर दें समर्थन’, महिला आरक्षण बिल को लेकर सांसद बसबराज बोम्मई की अपील


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  • कांग्रेस ने सरकार से राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा की मांग की।

Women Reservation Bill: देश भर में इस वक्त नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 यानी महिला आरक्षण कानून में संशोधन के लिए लाए जाने वाले विधेयक को लेकर सियासी सरगर्मी काफी तेज है. इस बीच कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में लोकसभा सांसद बसबराज बोम्मई ने सभी राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण बिल को समर्थन देने की अपील की है. उन्होंने राजनीतिक दलों से कहा कि वे अपने सभी मतभेदों को दूर कर महिला आरक्षण बिल का पूर्ण रूप से समर्थन करें.

लोकसभा के विशेष सत्र में होगी ऐतिहासिक चर्चाः बोम्मई

IANS के मुताबिक, बेंगलुरु में मीडिया से बातचीत करते हुए भाजपा सांसद बसवराज बोम्मई ने मंगलवार (14 अप्रैल, 2026) को कहा कि सभी राजनीतिक दल भारत के लोकतांत्रिक भविष्य के हित में एक साथ आएं और महिला आरक्षण बिल का समर्थन करें. उन्होंने कहा कि जल्द ही लोकसभा का विशेष सत्र होने वाला है और उन्हें खुशी है कि संसद महिला आरक्षण और परिसीमन पर एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी चर्चा करने जा रही है.

अंबेडकर और पीएम मोदी की सोच एक जैसीः बोम्मई

बोम्मई ने कहा कि बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर ने हिंदू कोड बिल के जरिए महिलाओं के लिए प्रावधान किए थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच भी इसी तरह की है. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी इस तरह के कदम को पहले अपना समर्थन दिया था. कांग्रेस के नेतृत्व वाली UPA सरकार ने साल 2008 में महिला आरक्षण विधेयक (108वां संशोधन विधेयक) पेश किया था, जिसे 2010 में राज्यसभा में पारित किया गया था. उन्होंने इस बात पर जोर देते कहा कि महिलाओं को आरक्षण देना एक साझा आकांक्षा है और विपक्षी दल महिला आरक्षण के लिए इस संशोधन विधेयक पर अपना समर्थन जरूर दें.

कांग्रेस की ओर से सरकार पर लगाया जा रहा आरोप

केंद्र सरकार की ओर से नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 में संशोधन के लिए बुलाए गए संसद के विशेष सत्र की कांग्रेस आलोचना कर रही है. तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा और सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है.

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