महाराष्ट्र के मंत्री और शिंदे गुट के नेता संजय शिरसाट ने सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके के राजनीति में आने की अटकलों को लेकर बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने दावा करते हुए कहा कि अभिजीत के माता-पिता की इच्छा है कि वह नौकरी करें और सुखी जीवन बिताएं. वे राजनीति में नहीं आना चाहते. कुछ लोग उन्हें जबरन राजनीति में लाने की कोशिश कर रहे हैं. कुछ लोगों का ध्यान इस बात पर है कि दूसरों को राजनीति में कैसे लाया जा सकता है.
संजय शिरसाट ने कहा, ”कल (26 जुलाई) मैंने अभिजीत दीपके के परिवार से मुलाकात की. मैंने अभिजीत को बचपन से देखा है. मेरा बेटा उसकी बहन के हाथों राखी बंधवाता है. वे मेरे मतदाता हैं और मेरे करीबी हैं. उनके रिश्तेदार होने के नाते उनका हालचाल पूछना मुझे जरूरी लगा. वे मेरे कार्यक्रमों में आते हैं और मैं भी उनके घर गया हूं. दीपके ने बताया कि उन्हें सभी लोगों के फोन आए थे और इस बात से नाराज थे कि मैंने फोन नहीं किया. दीपके ने आंदोलन किया और भावुक हो गए.”
‘शिक्षा मंत्री बनना ही पड़ेगा’, CM फडणवीस पर बोले संजय राउत
महाराष्ट्र की मिट्टी में ताकत है- संजय शिरसाट
महाराष्ट्र के मंत्री ने आगे कहा, ”एक तरफ आंदोलन हुआ और दूसरी तरफ पेड़े बांटे गए. ऐसे दृश्य भी देखने को मिले. महाराष्ट्र की मिट्टी में ताकत है. मराठवाड़ा ने भी महाराष्ट्र का नेतृत्व किया है और देश का नेतृत्व भी किया है. शरद पवार भी महाराष्ट्र से हैं, जिन्होंने देश का नेतृत्व किया है. संजय राउत के सिर पर कुछ असर हो गया है. उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान को एक पार्टी के नेता के रूप में देखा. क्या यह इंडिया गठबंधन है? राहुल गांधी कुछ कहते हैं और बाकी लोग दूसरी दिशा में चले जाते हैं.”
संजय राउत अपने ही दल को हाइलाइट करते हैं- शिरसाट
उन्होंने कहा कि संजय राउत अपने ही दल को हाइलाइट करते हैं. उद्धव ठाकरे को दीर्घायु होने की शुभकामनाएं. ईड़ा-पीड़ा दूर हो और संजय पीड़ा भी दूर हो. ऐसा दिखाई दे रहा है कि यूपी में पैदा हुए और महाराष्ट्र में पेड़े बांटे जा रहे हैं. ठाणे, पुणे और फिर मातोश्री का चक्कर लगाने का इससे क्या संबंध है? कोई भी झंडा नहीं, तिरंगा लेकर आइए और भाषण केवल दोनों नेताओं को ही देना है. अपनी-अपनी दुकान चलाने के लिए दोनों ने यह कार्यक्रम आयोजित किया.
युवा किसी नेता के कंधे के सहारे खड़े नहीं थे- शिरसाट
संजय शिरसाट ने आगे कहा, ”इस आंदोलन में इंडिया गठबंधन के लोगों ने खुद ही अपनी राजनीतिक ताकत को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की. देश का युवा मजबूती से खड़ा था. वह किसी भी नेता के कंधे के सहारे खड़ा नहीं हुआ. इंडिया गठबंधन के लोग खुद कटोरा लेकर चले गए. दीपके ने खुद कहा कि विपक्ष लगभग खत्म हो चुका है.”
संजय राउत ही ‘मन की बात’ कर रहे- संजय शिरसाट
सीएम देवेंद्र फडणवीस को लेकर संजय राउत की बयान पर मंत्री शिरसाट ने कहा, ”देवेंद्र फडणवीस शिक्षा मंत्री बनने वाले हैं, यह बात प्रधानमंत्री मोदी के मन में है, यह संजय राउत के कान में किसने बताई? असल मायने में संजय राउत ही ‘मन की बात’ कर रहे हैं. राउत जो कुछ भी फेंका जा सकता है, वह सब फेंकने का काम कर रहे हैं.”
लाठीचार्ज का आदेश किसने दिया, इसकी जानकारी नहीं- शिरसाट
उन्होंने ये भी कहा कि NEET परीक्षा में ही नहीं, बल्कि दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं में कम अंक आने पर भी कुछ बच्चे घर छोड़ देते हैं. ऐसा मत कीजिए. प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज का आदेश किसने दिया, इसकी जानकारी नहीं है. लेकिन यदि बिना आदेश के लाठीचार्ज किया गया होगा, तो इसकी जांच की जाएगी.
शरद पवार का जिक्र करते हुए मंत्री संजय शिरसाट ने कहा, ”शरद पवार को अपना रुख बदलने की आदत है. अगर उन्होंने कोई निर्णय लिया तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं होगा. महाविकास आघाड़ी अब अस्तित्व में नहीं रही. यदि शरद पवार कोई निर्णय लेते हैं, तो ऐसा लगता है कि वह महाराष्ट्र के हित में होगा. कोई भी यह दृढ़ता से नहीं कह सकता कि सरकारी अधिकारी पैसे नहीं मांगते. अच्छा काम करना आपका अधिकार है. अगर आप दूसरों की तरह दलाली कर रहे हैं, तो नौकरी छोड़कर दलाली कीजिए.”
