राजस्थान के नगर निकाय चुनाव में वैसे तो दस हजार से ज्यादा उम्मीदवार चुनाव जीतकर पार्षद चुने गए हैं, लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियों में जयपुर नगर निगम के वार्ड 71 से चुनाव जीतने वाले फईज हसन हैं. वह जयपुर ही नहीं बल्कि समूचे राजस्थान में सबसे कम उम्र के पार्षद बने हैं. फईज की उम्र अभी महज 21 साल है और वह 12 क्लास की पढ़ाई कर रहे हैं. दो महीने दिल्ली में जंतर मंतर पर हुए जेन जी (Gen Z) के आंदोलन के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखने का फैसला किया और पहली ही कोशिश में पार्षद चुन लिए गए.
फईज हसन का मानना है कि उन्हें जेन जी होने का फायदा मिला है. जेन जी की वजह से ही कांग्रेस पार्टी ने उन्हें टिकट दिया और जयपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 71 खोह नागोरियान की जनता ने उन पर अपना भरोसा जताया. उनका कहना है कि जेन जी होने की वजह से ही वह राजनीति के पुराने धुरंधरों को धूल चटाने में कामयाब रहे. फईज ने 170 वोटों से चुनाव जीता है और उनके वार्ड में बीजेपी तीसरे नंबर पर चली गई है.
वार्ड 71 को जयपुर का सबसे अच्छा वार्ड बनाने की कोशिश
महज इक्कीस साल के फईज का कहना है कि उन्हें ना तो क्रिकेट या दूसरे खेलों में दिलचस्पी है और ना ही फिल्में देखने में. वह सिर्फ पढ़ाई करते हैं और बाकी टाइम परिवार को बिजनेस में मदद करते हैं. फईज का कहना है कि उनके वार्ड काफी पिछड़ा हुआ है. तमाम तरह की समस्याएं हैं.
इन्हें बाहर प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द ठीक कराकर खोह नागोरियान को जयपुर का सबसे अच्छा और आदर्श वार्ड बनाने की कोशिश करेंगे. इसके अलावा वहां नशा मुक्ति के लिए लोगों को जागरूक करेंगे. युवाओं को रोजगार से जोड़कर इस बुरी लत से छुटकारा दिलाने का काम करेंगे.
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फईज हसन के आदर्श राजनेता लोकसभा में विपक्ष राहुल गांधी
फईज हसन के आदर्श राजनेता लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी है. उनका कहना है कि राहुल गांधी हमेशा युवाओं के लिए संघर्ष करते हैं और उन्हें आगे बढ़ाने की कोशिश करते हैं. यही वजह है कि उन्होंने कांग्रेस पार्टी से जुड़कर चुनाव लड़ने का फैसला किया है.
हालांकि राजनीति में वह राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तरह लंबी पारी खेलना चाहते हैं. उनका यह भी कहना है कि भले ही वह विपक्ष के पार्षद बने हो, लेकिन जनता को भरोसे में लेकर वह प्रशासन व सरकार से तालमेल बनाकर इलाके में विकास का काम कराने की कोशिश करेंगे.
युवाओं को आगे करने वाली परियों को भी अब मिलेंगे वोट
फईज हसन की उम्र अभी भले ही इक्कीस साल हो, लेकिन उन्होंने अपने लिए दुल्हनिया चुन ली है. उन्होंने अपनी पसंद के लड़की से सगाई भी कर ली है. हालांकि इसके लिए उन्होंने पहले घर वालों को राजी किया. घर वालों की रजामंदी के बाद उन्होंने दोनों परिवारों की मौजूदगी में सगाई की है. इस बारे में फईज का कहना है कि उन्होंने सगाई भले ही कर ली हो, लेकिन शादी में कम से कम तीन से चार साल का वक्त है. फईज कहना है कि राजनीति में यह बदलाव का दौर है. युवाओं को आगे करने वाली परियों को भी अब वोट मिलेंगे. लोग अब ट्रेडिशनल पॉलिटिक्स से दूर होना चाहते हैं.
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