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‘राजेन्द्र प्रसाद ने की बड़ी गलती’, वंदे मारतम् बिल पास होने पर भड़के ओवैसी


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  • सपा ने बिल को राम मंदिर मुद्दे से जोड़ा।

संसद के मानसून सत्र के 11वें दिन गुरुवार (30 जुलाई, 2026) को लोकसभा ने राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 यानी वंदे मातरम् बिल को विपक्ष के हंगामे के बीच पास कर दिया है. इससे एक दिन पहले यानी बुधवार (29 जुलाई, 2026) को संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा ने भी इस बिल को पास कर दिया था. अब संसद के दोनों सदनों से इस बिल के पारित होने के बाद इसके कानून बनने का रास्ता साफ हो गया है.

हालांकि, केंद्र सरकार की तरफ से लोकसभा में वंदे मातरम् बिल पेश किए जाने के बाद विपक्षी दलों ने हंगामा करते हुए बिल का विरोध किया. वहीं, AIMIM के प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बिल के पास होने के बाद देश के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद का नाम लेकर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् को लेकर साल 1950 में राजेंद्र प्रसाद ने बहुत बड़ी गलती की थी.  

सदन में बहस के दौरान बोले ओवैसी

लोकसभा में वंदे मातरम् बिल पास हो जाने के बाद AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘आप जब जन गण मन पढ़ते हैं, तो उसमें क्या दिखता है. उसमें यह देश दिखता है, देश की जनता दिखती है. जब आप वंदे मातरम पढ़ते हैं, तो उसमें भगवान और देवी के बारे में पूजा की बात है. अब उन मुजाहिदीन-ए-आजादी को क्या बोलेंगे, जिन्होंने इस देश की आजादी के लिए कुर्बानी दी. जन गण मन तो जनता के लिए लिखा गया था.’

उन्होंने कहा, ‘मैं कह रहा हूं कि साल 1950 में राजेंद्र प्रसाद ने बहुत बड़ी गलती की थी. उन्होंने बिना रेजुलेशन के कह दिया था कि यह राष्ट्रीय गीत है, जबकि रेजुलेशन लेना चाहिए था. कहीं पर भी राष्ट्रीय गीत की परिभाषा नहीं है. आप (केंद्र सरकार) आर्टिकल 25, 26 और 29 का उल्लंघन कर रहे हैं.’

ये सब बिल सिर्फ ध्यान भटकाने के लिए ला रहे- अवधेश प्रसाद

वहीं, समाजवादी पार्टी (SP) के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा, ‘वंदे मातरम बिल का सम्मान सभी देश के लोग करते हैं, हम लोग करते हैं. सभी करते हैं. ये केवल ध्यान भटकाने के लिए ये सब बिल ला रहे हैं, ताकि राम मंदिर के चंदा चोरी जो हुई है, उस पर चर्चा न हो पाए.’ उन्होंने कहा, ‘बिल का हम कोई विरोध नहीं करते हैं, बिल का हम सम्मान करते हैं. ये बिल तो पहले से ही है, कोई लाने की आवश्यकता नहीं थी. हम और सभी इसका सम्मान करते हैं.’

हम राम मंदिर में चंदा चोरी मामले पर चाहते हैं चर्चा- डिंपल 

सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा, ‘ये सरकार बार-बार संशोधन बिल क्यों ला रही है? वंदे मातरम् बिल संसद में पहले पास हो चुका है. अब ये फिर से थोड़ा संशोधन करके फिर से नया बिल ला रहे हैं. बार-बार आखिरकार बिल क्यों लाया जा रहा है?’ उन्होंने कहा, ‘हम चाहते हैं कि राम मंदिर में जो चंदा चोरी हुई है उस पर चर्चा हो. जो लोगों की श्रद्धा की लूट हुई है, उस पर हम चर्चा चाहते हैं. तो कहीं न कहीं सरकार ध्यान भटकाने वाली राजनीति करती है.’

वंदे मातरम् बिल पर क्या बोले गिरिराज सिंह और BJP सांसद

राज्यसभा में राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 के पारित होने पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने लोकसभा में कहा, ‘विरोध करना हर किसी का अधिकार है, लेकिन वंदे मातरम का विरोध करना, जो भारतीय स्वतंत्रता का एक अहम हिस्सा है. इसकी जितनी तारीफ की जाए, कम है.’

वहीं, लोकसभा में भाजपा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा, ‘चर्चा होने के लिए इन्हें सदन में रहकर नारेबाजी नहीं करनी चाहिए, नारेबाजी क्यों हो रही है? इतना बड़ा बिल है, जिसमें हमारे वंदे मातरम को राष्ट्रगान जैसा सम्मान मिले, युवा में जो ऊर्जा है, उसको बढ़ावा दिया जाए. जो एक वंदे मातरम का सुजलाम सुफलाम की भावना हम सब में जागृत हो, इसके लिए पूरे देश में एक ऊर्जा है, इसके लिए ये बिल बहुत महत्वपूर्ण है, तो इसके लिए वे क्यों नारेबाजी कर रहे हैं, आपत्ति कर रहे हैं.’

उन्होंने कहा, ‘अगर नारेबाजी नहीं होती तो हम चर्चा करते, लेकिन बार-बार सदन को स्थगित करके इसके बाद हमने चर्चा भी थोड़ी करवाई और फिर हमें इस पास करवाना पड़ा.’ 

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