लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयानों को लेकर बिहार में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने राहुल गांधी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि अगर राहुल गांधी के हाथ में होता तो वह कब की सरकार गिरा चुके होते, लेकिन उन्हें भी पता है कि उनके बयानों का कोई असर नहीं है.
कुशवाहा ने कहा कि राहुल गांधी लगातार ऐसे बयान देते रहते हैं ताकि खबरों में बने रहें. उन्होंने कहा कि जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ है और प्रधानमंत्री देश की जनता के लिए काम कर रहे हैं. कुशवाहा ने राहुल गांधी के बयानों को लेकर कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह क्या कहते हैं.
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राहुल गांधी ने चुनावी प्रक्रिया पर उठाए सवाल
दरअसल, 24 सितंबर को राहुल गांधी ने निर्वाचन आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा था कि चुनावी प्रक्रिया के साथ जो हुआ है, वह देशद्रोह है और इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओर गृह मंत्री अमित शाह को जांच का सामना करना होगा. राहुल ने यह भी कहा था कि कथित ‘वोट चोरी’ से चुने गए सांसदों द्वारा बनाया गया कानून अवैध होगा.
#WATCH पटना, बिहार: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर RLM अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा, “राहुल गांधी का बस चला होता तो कब का सरकार गिरा दिए होते, लेकिन उन्हें भी मालूम है कि उनके बोलने का कहीं से कुछ अर्थ नहीं है। खबरों में बने रहने के लिए बयान देते रहते हैं… जनता प्रधानमंत्री के साथ है… प्रधानमंत्री देश की जनता के लिए काम कर रहे हैं। राहुल गांधी कुछ भी बयान दें उससे क्या फर्क पड़ता है?
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 5, 2026
खरगे के बयान पर भी कुशवाहा का निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए ‘अवैध’ वाले बयान पर भी कुशवाहा ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि खरगे वरिष्ठ नेता हैं और उन्हें इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. कुशवाहा ने उनके बयान को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि वह ‘अज्ञानी जैसे बात कर रहे हैं’.
तेजस्वी के बयान पर भी किया पलटवार
कुशवाहा ने बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि तेजस्वी अपनी हार को पचा नहीं पा रहे हैं और बौखलाहट में कुछ भी बोल रहे हैं। कुशवाहा ने दावा किया कि इस तरह के बयानों से तेजस्वी की राजनीतिक छवि और खराब होगी. दरअसल, तेजस्वी यादव ने बिहार के मौजूदा हालात को लेकर दावा किया था कि छह महीने बाद लोगों के सामने खाने का संकट खड़ा हो जाएगा.
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