विजय वर्मा ने फिल्मों में जिस तरह के रोल्स किए हैं, उन रोल्स की वजह से उन्हें अक्सर रेड फ्लैग का टैग दिया जाता है. नेगेटिव रोल्स की वजह से जब हाल ही के एक इवेंट में उन्हें स्क्रीन का सबसे बड़ा रेड फ्लैग कहा गया तो उन्होंने इस पर रिएक्ट करते हुए कहा कि ये बात सुनकर वो थक गए हैं.
रेड फ्लैग कहे जाने पर क्या बोले विजय?
हाल ही में विजय वर्मा लस्ट स्टोरीज 3 की टीम के साथ हिंदुस्तान टाइम्स के पॉडकास्ट में नजर आए थे, जहां उन्हें ‘स्क्रीन का सबसे बड़ा रेड फ्लैग’ कहा गया. इस बात के साथ ‘डार्लिंग्स’, ‘दहाड़’ और ‘पिंक’ जैसे प्रोजेक्ट्स में उनके रोल्स का जिक्र किया गया था. जब विजय से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘मुझे कोई दूसरा रंग चाहिए. मैं इस रेड फ्लैग-ग्रीन फ्लैग से थक चुका हूं.’
विजय ने आगे बताया कि उन्हें ‘लस्ट स्टोरीज 3’ में अपना किरदार इसलिए पसंद आया, क्योंकि वह उनके अब तक निभाए किरदारों से काफी अलग था. उन्होंने कहा कि इस किरदार को कोई इशारे ही समझ नहीं आते थे. विजय ने कहा, ‘अब तक मैंने कई ऐसे किरदार निभाए हैं जो हर चीज को बहुत जल्दी समझ जाते थे, इसलिए इस बार ऐसा किरदार निभाना मेरे अलग भी था और मजेदार भी.’
महिलाओं को लेकर भी बोले विजय
विजय वर्मा ने महिलाओं की सुरक्षा और पुरुषों की जिम्मेदारी पर भी अपनी बात रखी. दिल्ली और बिहार में महिलाओं के खिलाफ सामने आई हालिया घटनाओं के बीच उन्होंने कहा कि पुरुषों को महिलाओं की बात सुनने और उनकी पसंद को समझने की जरूरत है.
विजय ने कहा, ‘आदमियों को औरतों की जिंदगी और उनके फैसलों पर अपनी राय थोपने से बचना चाहिए. उन्हें महिलाओं को बिना जज किए अपनी बात रखने देनी चाहिए. सबसे जरूरी चीज यह है कि पुरुष महिलाओं की बात सुनें, उनसे सीखें और उन्हें अपनी बात कहने दें.’
उन्होंने आगे कहा कि पुरुषों को संवेदनशील होने और महिलाओं के साथ सही तरीके से पेश आने की सीख घर से ही मिलनी चाहिए. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कोई लड़की सोशल मीडिया पर पीरियड्स के दर्द जैसी किसी परेशानी के बारे में बात कर रही है, तो पुरुषों को बिना मतलब उस पर फालतू कमेंट करने की जरूरत नहीं है. ऐसी चीजों को समझने के लिए पहले महिलाओं की बात सुनना जरूरी है.
