Headlines

लखनऊ में सहारा शहर की जमीन पर बनेगा नया विधान भवन! खास होगा डिजाइन


उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नया विधानसभा बनाने जा रहा है. इसे सहारा समूह से खाली करवाई गई जमीन पर बनाया जाएगा. कमल की पंखुड़ियों जैसे डिजाइन का बनने वाला विधानसभा 245 एकड़ में बनेगा. इसके लिए देश विदेश की कई कंपनियों ने अपने डिजाइन लखनऊ विकास प्राधिकरण ने जमा किए है. अफसरों का कहना है जल्द कंपनी को चयनित कर काम शुरू करवाया जाएगा.

गोमतीनगर के विपुलखंड स्थित सहारा शहर की करीब 245 एकड़ जमीन पर नए विधान सभा बनवाने की जिम्मेदारी शासन ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को दी है. प्रस्तावित विधान सभा का डिजाइन भी खास होगा. इसे कमल के फूल की पंखुड़ियों से प्रेरित मॉडल पर तैयार किया गया है.

नया विधानसभा परिसर सिर्फ सदन की नई इमारत तक सीमित नहीं रहेगा. इसमें विधायकों के लिए जरूरी सुविधाओं के साथ-साथ प्रशासनिक ढांचा और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित किए जाने की तैयारी है.

245 एकड़ में तैयार होगा नया विधानसभा परिसर

प्रस्तावित परियोजना के लिए गोमतीनगर के विपुलखंड स्थित सहारा शहर की करीब 245 एकड़ जमीन को चिन्हित किया गया है. इसमें विधानसभा के अलावा विधायकों और विधानसभा से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए अलग-अलग सुविधाएं विकसित की जाएंगी. इसके साथ ही प्रशासनिक कार्यालय, बैठक कक्ष और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को भी एक ही परिसर में बनाया जाएगा.

LDA को मिली बड़ी जिम्मेदारी

इस पूरे प्रोजेक्ट की नोडल एजेंसी लखनऊ विकास प्राधिकरण को बनाया गया है. यानी जमीन से जुड़े काम, परियोजना की प्लानिंग और विकास से संबंधित महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में LDA की प्रमुख भूमिका रहेगी. जानकारी के मुताबिक नए विधान भवन का निर्माण कार्य 2027 में शुरू होने की संभावना है. हालांकि निर्माण शुरू होने से पहले जमीन, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट, डिजाइन, तकनीकी स्वीकृति और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरा किया जाना होगा.

ये है पुराने विधानसभा का इतिहास

लखनऊ के हजरतगंज थाना क्षेत्र में 15 दिसंबर 1922 को विधान सभा शिलान्यास किया गया था. मशहूर आर्किटेक्ट हीरा सिंह और सैमुअल ने इसे डिजाइन किया था और मार्टिन एंड कंपनी ने इसका निर्माण किया था. इसके निर्माण में 21 लाख का खर्च आया था. 21 फरवरी 1928 में यह इमारत पूरी तरह बनकर तैयार हुई थी.

क्यों पड़ी नए विधान भवन की जरूरत?

लखनऊ में लगातार बढ़ता ट्रैफिक लोड विधानसभा के आसपास जाम जैसी स्थिति बन रहा था. सत्र के दौरान या कोई वीआईपी मूवमेंट के चलते उसे रोड को बंद कर दिया जाता था. ऐसे में आसपास के चौराहा पर ट्रैफिक का लोड बढ़ जाता था और जनता को जाम से जुड़ना पड़ता था. वहीं दूसरी तरफ विधानसभा की उम्र 104 साल की हो गई है. ऐसे में बदलती जरूरतों के साथ एक आधुनिक और ज्यादा सुविधाजनक विधानसभा परिसर की जरूरत लंबे समय से महसूस की जाती रही है.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *