राजस्थान में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा दोस्ती-दुशमनी और सिकंदर-पोरस वाले बयान पर सियासत तेज हो गयी है. जिसमें कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है और बीजेपी की अंदरूनी कलह बताया है.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राजे के बयान पर तंज कसते हुए इसे आपसी कलह और खींचतान बताया. उन्होंने कहा कि जब वसुंधरा राजे सदन में बोल रहीं थीं तो उनकी नजरें कभी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तो कभी पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ की तरफ जाती थीं. डोटासरा ने यह भी आरोप लगाया कि वसुंधरा राजे ने बातों से अपनी ही पार्टी पर व्यंग्य किया. हालांकि उन्होंने वसुंधरा राजे की बात का समर्थन किया है.
तबादला नीति पर उठाए सवाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने राज्य सरकार की तबादला नीति पर भी जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि जरूरतमंद कर्मचारियों के तबादले नहीं हो रहे, जबकि रसूखदार लोगों को मनमाने पोस्टिंग मिल गयी है. खुद बीजेपी के कार्यकर्ता और नेता भी इस सूची से निराश हैं.
यह भी पढ़ें: सोनम वांगचुक का जिक्र कर सचिन पायलट बोले, ‘राहुल गांधी और हमारी पार्टी का मानना है कि…’
स्वस्थत मंत्री पर साधा निशाना
ओबीसी मोर्चे की बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए डोटासरा ने स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर पर निशाना साधते हुए उनकी तुलना महमूद गजनवी से कर दी और कहा कि यह लोग राजस्थान लूटने में लगे हैं. लोगों की सेहत और जान इनकी प्राथमिकता में नहीं है.
फिलहाल गोविन्द सिंह डोटासरा के बयान पर अभी बीजेपी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन वसुंधरा राजे के बयान के बाद राज्य में बीजेपी के भीतर चल रही अंतर्कलह पर बहस जरुर शुरू हो गयी है.
अमृत महोत्सव में दिया था वसुंधरा राजे ने बयान
राजस्थान विधानसभा के 75 वर्ष पूरे होने पर अमृत महोस्तव समारोह के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने यह बयान दिया था. उन्होंने हालिया राजनीति में बढती दुश्मनी पर चिंता जाहरी और पुरानी मर्यादाओं की याद दिलाई थी. जिसमें उन्होंने भैरो सिंह शेखावत और हरिदेव जोशी के उदहारण के साथ ही सिकंदर-पोरस की भी कहानी सुनाई थी.
यह भी पढ़ें: राजस्थान निकाय चुनाव में देरी पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से 20 जुलाई तक मांगा जवाब
