एक्टर संजय दत्त विवादों में घिरे हुए हैं. संजय दत्त को शो ‘शेखर टुनाइट’ में देखा गया. ये एक पॉलिटिकल सटायर शो है. इस शो में संजय दत्त ने कहा कि उन्हें इंडिया में पहले जैसी शांति महसूस नहीं हो रही. इसके बाद संजय दत्त काफी ट्रोल हुए. विवाद बढ़ने के बाद संजय दत्त ने सफाई भी दी.
अब एक इवेंट में आमिर खान से जब इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने जवाब नहीं दिया.
आमिर खान से पूछा गया कि हाल ही में संजय दत्त ने कहा कि उन्हें इंडिया में पीस फील नहीं होती. तो इस पर बहुत विवाद हुआ. ये सुनकर आमिर ने सवाल का जवाब देने से इंकार कर दिया. उन्होंने कहा कि ऐसा सवाल नहीं. इसके बाद इवेंट खत्म हुआ और वो उठकर चले गए.
इवेंट में आमिर खान ने अपने ग्रे हेयर को लेकर भी रिएक्ट किया. उन्होंने कहा, ‘कुछ समय पहले मैंने हेयरडाई बंद कर दिया. बहुत बोर हो रहा है.’ इसके बाद इवेंट में मौजूद सुभाष घई ने कहा कि देखिए जब भी आप आमिर खान को नए गेटअप में देखें, तो फिर दो साल बाद आपको पता चलेगा कि ये किसी नए कैरेक्टर के लिए था. सुभाष घई की बात सुनकर आमिर मुस्कुराने लगते हैं.
संजय दत्त ने क्या कहा था?
संजय दत्त ने शो में मुन्ना भाई के अंदाज में कहा था, ‘इस देश के लोग बहुत अच्छे और प्यारे हैं. देश में शांति होनी चाहिए. लेकिन मैं इस देश में पहले जैसी शांति फील नहीं कर पा रहा हूं. हम सभी का खुले दिल से स्वागत करते हैं. हम बहुत कुछ दिया है. मैं शिवजी से प्रार्थना करता हूं कि वो वाले दिन जल्द ही वापस आ जाए. शांति प्यार से बनती हैं और प्यार गांधीगिरी से आता है.’ इसके अलावा संजय दत्त ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को लेकर भी तंज कसा.
मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूँ कि किसी भी व्यक्ति, समुदाय या संस्था की भावनाओं को ठेस पहुँचाना, उनका अपमान करना या उनका अनादर करना मेरा उद्देश्य कभी नहीं रहा है। मेरी टिप्पणियाँ एक स्क्रिप्टेड बातचीत के संदर्भ में की गई थीं, जिसका उद्देश्य हल्का-फुल्का और हास्यपूर्ण संवाद करना था। इसके पीछे की भावना मुन्ना भाई जैसी फिल्मों में दिखाई गई हास्य और व्यंग्य की शैली के समान थी, विशेष रूप से ‘गांधीगिरी’ की उस सोच से प्रेरित थी, जिसका उद्देश्य प्रेम, एकजुटता और सद्भावना का संदेश देना था। दुर्भाग्यवश, मेरी बातों को उस मूल संदर्भ से अलग तरीके से समझा गया।
— Sanjay Dutt (@duttsanjay) October 4, 2026
विवाद बढ़ने पर संजय दत्त ने कहा, ‘मैं ये साफ करना चाहता हूं कि किसी भी व्यक्ति, समुदाय या संस्था की भावनाओं को ठेस पहुंचाना, उनका अपमान करना या उनका अनादर करना मेरा उद्देश्य कभी नहीं रहा है. मेरी टिप्पणियां एक स्क्रिप्टेड बातचीत के संदर्भ में की गई थीं, जिसका उद्देश्य हल्का-फुल्का और हास्यपूर्ण संवाद करना था. इसके पीछे की भावना मुन्ना भाई जैसी फिल्मों में दिखाई गई हास्य और व्यंग्य की शैली के समान थी, विशेष रूप से ‘गांधीगिरी’ की उस सोच से प्रेरित थी, जिसका उद्देश्य प्रेम, एकजुटता और सद्भावना का संदेश देना था. दुर्भाग्यवश, मेरी बातों को उस मूल संदर्भ से अलग तरीके से समझा गया.’
इसके बाद संजय दत्त ने वीडियो बनाकर भी सफाई दी.
