भारत ने सऊदी अरब में लोगों के घरों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों पर हूती विद्रोहियों के हमलों को लेकर मंगलवार को गंभीर चिंता जताई. भारत ने कहा कि ऐसे हमले क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर करते हैं और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से जहाजों की मुक्त आवाजाही के लिए खतरा पैदा करते हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल की यह टिप्पणी पश्चिम एशिया में अचानक बढ़े तनाव के बीच आई, खासकर सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हालिया हमलों के बाद.
हूती हमले का आलोचना
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पश्चिम एशिया के हालात पर पूछे गए सवालों के जवाब में जायसवाल ने कहा कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद के साथ हुई बैठक में ताजा घटनाक्रम पर चर्चा की.
जायसवाल ने कहा, “हूती विद्रोहियों के मुद्दे पर भी चर्चा हुई. जैसा कि आप जानते हैं, हाल में सऊदी अरब पर हमला हुआ था, जिसकी हमने निंदा की है. हम लाल सागर क्षेत्र में बिगड़ते हालात को लेकर भी बेहद चिंतित हैं.” उन्होंने कहा, “हमने सऊदी अरब के क्षेत्र में हुए हमले की निंदा की है, जिसमें नागरिक अवसंरचना और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया. ऐसे हमले क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर करते हैं और बाब-अल-मंदेब जलमार्ग से होने वाली मुक्त आवाजाही के लिए खतरा पैदा करते हैं.”
क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरा
उन्होंने आगे कहा, “जाहिर है कि ऐसी गतिविधियां हमें स्वीकार नहीं हैं. हमें उम्मीद है कि इस क्षेत्र में जल्द ही शांति और स्थिरता बहाल होगी. साथ ही, यह भी ध्यान रखना चाहिए कि भारत को दुनिया के इसी हिस्से से कच्चे तेल की महत्वपूर्ण आपूर्ति होती है.”
ईरान समर्थित हूती समूह ने हाल ही में सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन पर हमला किया था, जिसे कच्चे तेल की आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. इन हमलों के बाद बाब-अल-मंदेब जलमार्ग की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं.
बाब-अल-मंदेब दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है. यह लाल सागर को अदन की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है तथा वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है. भारत ने पिछले सप्ताह भी सऊदी अरब की तेल पाइपलाइन पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की थी. सऊदी तेल प्रतिष्ठानों पर ये हमले ऐसे समय में हुए हैं, जब अमेरिका ईरान पर आर्थिक प्रतिबंधों को और कड़ा कर रहा है. हूती विद्रोही मुख्य रूप से यमन से संचालित होते हैं.
