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‘सड़क के डिवाइडर पर बैठ जाता था…’ नौकरी छोड़ एक्टर बने राहुल बॉस, सेट पर बैठने के लिए नहीं मिलती थी कुर्सी


बॉलीवुड अभिनेता राहुल बोस आज 59 साल के हो गए हैं. मराठी-पंजाबी मां कुमुद बोस और बंगाली पिता रुपेन बोस के घर उनका जन्म 27 जुलाई 1967 को कोलकाता में हुआ था. बचपन से ही एक्टिंग का शौक रखने वाले राहुल ने बड़े होकर बतौर एक्टर-डायरेक्टर काम किया. जबकि उन्हें रग्बी का भी शौक रहा. वो भारत के लिए रग्बी भी खेल चुके हैं.

एक्टिंग के लिए छोड़ी थी नौकरी

6 साल की उम्र में राहुल ने स्कूल के नाटक टॉम, द पाइपर्स सन में काम किया था. इसके बाद उनका एक्टिंग की तरफ इंटरेस्ट बढ़ गया था. हालांकि बड़े होने पर उन्हें एक्टिंग फ़ील्ड में उतरने से पहले नौकरी करनी पड़ी थी. बता दें कि राहुल रेडिफ्यूजन में बतौर कॉपीराइटर काम कर चुके हैं. बाद में उन्होंने एक्टिंग के लिए ये जॉब छोड़ दी थी.

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पहली फिल्म के सेट पर बैठने के लिए नहीं मिलती थी कुर्सी

राहुल बोस की पहली फिल्म English, August (1994) थी. इस इंग्लिश फिल्म का डायरेक्शन देव बेनेगल ने किया था. वहीं बॉलीवुड में बतौर लीड एक्टर उन्होंने अपनी शुरुआत साल 2003 में फिल्म ‘झंकार बीट्स’ से की थी. राहुल ने साल 2024 में द लल्लन टॉप को दिए इंटरव्यू में बताया था कि अपनी पहली फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें बैठने के लिए कुर्सी तक नहीं दी जाती थी, जबकि वो लीड एक्टर थे. दूसरी ओर प्रोड्यूसर, उसकी बहन और उसके चाचा सभी कुर्सी पर बैठे रहते थे.

डिवाइडर पर बैठ जाते थे राहुल बोस

राहुल ने आगे बताया था कि उन्हें बैठने के लिए कुर्सी नहीं दी जाती थी तो वो सड़क के डिवाइडर और पैरापेट पर बैठ जाया करते थे और सोचते थे कि जैसे कोई प्रॉब्लम ही नहीं है. बता दें कि बतौर एक्टर कई फिल्मों का हिस्सा रहे राहुल बोस ने कई फिल्मों के लिए डायरेक्टर के रूप में भी काम किया है.   

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रग्बी इंडिया के अध्यक्ष, NGO भी चलाते हैं

राहुल बोस ने भारत के लिए रग्बी भी खेला है. साल 2008 में उन्होंने इस खेल से रिटायरमेंट ले लिया था. हालांकि वो अब भी इस खेल के साथ जुड़े हुए हैं. दरअसल अब वो रग्बी इंडिया के अध्यक्ष हैं. वहीं अभिनेता The Foundation नाम का एनजीओ भी चलाते हैं. 





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