दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए बिल्डिंग हादसे के बाद एलजी समेत नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा, “आरके पुरम स्थित सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना से हम बेहद चिंतित हैं.”
एलजी ने आगे घटना पर लिखा, “हमने दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस और डीडीएमए सहित सभी संबंधित एजेंसियों को तुरंत बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए पूर्ण समन्वय से काम करने का निर्देश दिया है. प्रभावित सभी लोगों की सुरक्षा और कुशलक्षेम के लिए प्रार्थना करते हैं. स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है और जरूरतमंदों तक हर संभव सहायता पहुंचाई जाएगी.”
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दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने घटना पर क्या कहा?
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी मर्लेना ने घटना को चिंताजनक और दुखद बताया है. उन्होंने कहा, “दिल्ली के मोती बाग स्थित सत्य निकेतन में इमारत गिरने की खबर बेहद दुखद और चिंताजनक है. मलबे में छात्रों समेत कई लोगों के दबे होने की आशंका बेहद विचलित करने वाली है.”
इस दौरान आतिशी ने प्रशासन से अपील भी की है. उन्होंने लिखा, “प्रशासन से अपील है कि राहत एवं बचाव कार्य पूरी तत्परता से चलाया जाएँ और मलबे में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए. सरकार इस हादसे की उच्चस्तरीय जांच कराए और लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके.
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ अध्यक्ष ने दी प्रतिक्रिया
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन के पास इमारत गिरने की घटना पर DUSU अध्यक्ष आर्यन मान ने कहा, “अब तक लगभग 10-15 छात्रों को बचा लिया गया है, हालांकि कुछ अभी भी अंदर फंसे हुए हैं. हम उनके संपर्क में हैं और NDRF की पूरी टीम मौके पर पहुंच चुकी है. मैंने मुख्यमंत्री से बात की है और अन्य टीमें भी छात्रों की सहायता के लिए रास्ते में हैं. अभी तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है. सभी छात्रों को अस्पताल ले जाया जा रहा है. इस घटना में लगभग 15-20 छात्र शामिल थे.”
दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा ने व्यक्त किया दुख
दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा, “आरके पुरम स्थित सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना से मैं अत्यंत दुखी हूं. एनडीआरएफ, दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली पुलिस, डीडीएमए, एमसीडी, सीएटीएस और नागरिक सुरक्षा की बचाव टीमें मौके पर मौजूद हैं और फंसे हुए लोगों तक पहुंचने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं.
इमारत को खाली करा लिया गया है- प्रवेश वर्मा
प्रवेश वर्मा ने बताया, “एहतियात के तौर पर पास की इमारत को खाली करा लिया गया है. इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से प्रभावित सभी लोगों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं. फिलहाल हमारा ध्यान लोगों की जान बचाने और हर संभव सहायता प्रदान करने पर है. स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है.”
स्थानीय नागरिक ने हादसे पर दी यह जानकारी
सत्य निकेतन भवन ढहने वाली जगह पर मौजूद एक स्थानीय निवासी ने बताया, “हम कुछ देर पहले तक घर पर थे, लेकिन जैसे ही हमें खबर मिली कि सत्य निकेतन में ‘हॉस्टल डेज’ नाम का एक पीजी ढह गया है और करीब 30 से 40 छात्र मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं, हम तुरंत यहां पहुंचे क्योंकि हमारे कुछ दोस्त भी वहीं ठहरे हुए थे. राहत और बचाव अभियान शुरू हो गए हैं, लेकिन चूंकि एक विशाल बहुमंजिला इमारत ढह गई है, इसलिए हताहतों की संख्या बहुत अधिक होने की आशंका है.”
दीपेंद्र हुड्डा ने घटना पर जताया दुख
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन के पास गिरी इमारत पर कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा, “यहां पुलिस और एंबुलेंस बहुत देर से आई है. यह पहली घटना नहीं है. साकेत में भी बच्चों ने अपनी जान गवाई थी. ये PGs जो चल रहे हैं उनका कोई मापदंड नहीं है. हम सभी ने कहा था कि इनकी जांच करनी चाहिए.
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा, “आज हम सभी के लिए दुख का समय है. यह राजनीति का नहीं बल्कि बचाव का समय है. फायर और बिल्डिंग सेफ्टी को लेकर सवाल उठ रहे हैं. दिल्ली में हर साल इस प्रकार की घटना घट रही है. अब और कितने छात्रों की जान जाएगी. सरकार को जवाब देना होगा.”.
विधायक कैलाश गहलोत ने क्या कहा?
सत्य निकेतन भवन के ढहने पर भाजपा विधायक कैलाश गहलोत ने कहा, “दिल्ली सरकार पूरी तत्परता से कार्रवाई कर रही है. दमकल विभाग और आपदा प्रबंधन एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हैं. दुख की इस घड़ी में मैं पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा हूं. मैं उन्हें आश्वस्त करना चाहता हूं कि दिल्ली सरकार के सभी विधायक, मंत्री और मुख्यमंत्री उनके साथ खड़े हैं.”
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