उत्तर प्रदेश विधानपरिषद की 11 सीटों आज मतगणना हो रही हैं. इस बार यूपी एमएलसी के चुनाव के नतीजे समाजवादी पार्टी के लिए बेहद अहम होने वाले हैं. क्योंकि सपा के सामने विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष का पद बचाए रखने के लिए कम से कम तीन सीटें जीतना जरूरी हैं. अगर ऐसा नहीं होता है तो सपा के पास नेता प्रतिपक्ष का पद खतरे में आ जाएगा.
यूपी विधानपरिषद में कुल सदस्यों की संख्या 100 है. इनमें से वर्तमान समय में एक पद खाली है. मौजूदा सदस्यों में सपा के पास दस एमएलसी है, जिनमें से तीन विधानपरिषद सदस्यों का कार्यकाल 6 दिसंबर को खत्म हो रहा है. यानी इनका कार्यकाल खत्म होने के बाद सपा के सदस्यों की संख्या घटकर सिर्फ 7 रह जाएगी. इसलिए सपा को नेता प्रतिपक्ष पद के लिए तीन सीटें जीतना बेहद जरूरी होगा.
सपा के लिए तीन सीटें जीतना अहम
आंकड़ों के लिहाज़ से यूपी विधान परिषद में कुल सौ सदस्य हैं. इनमें नेता प्रतिपक्ष के लिए कुल सदस्यों की संख्या का दस प्रतिशत होना जरूरी है. इस हिसाब से देखा जाए तो नेता प्रतिपक्ष पद के लिए विपक्ष के पास कम से कम दस सदस्य होना जरूरी है. सपा के पास वर्तमान में दस सदस्य हैं. लेकिन सपा के तीन सदस्य मान सिंह यादव, आशुतोष सिन्हा और लाल बिहारी यादव का कार्यकाल 6 दिसंबर को खत्म हो रहा है.
MLC चुनाव के नतीजों पर टिकी नज़र
समाजवादी पार्टी ने इन तीनों ही सदस्यों को एक बार फिर से चुनाव मैदान में उतारा है. नियमों के मुताबिक़ सपा को अपना नेता प्रतिपक्ष पद बनाए रखने के लिए कम से तीन सीटों पर जीतना जरूरी होगा, तभी विधानपरिषद् में उसके सदस्यों की संख्या दस रह पाएगी. इसलिए इस चुनाव के नतीजे सपा के लिए बेहद अहम होने वाले हैं.
बता दें कि यूपी की 11 एमएलसी सीटों के लिए 23 अक्टूबर को वोटिंग हुई थी और आज 27 अक्टूबर को मतगणना हो रही है. इसलिए आज के नतीजों पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं.
