उत्तर प्रदेश के जनपद बागपत पुलिस श्वान दल का भरोसेमंद सदस्य और कई चर्चित आपराधिक मामलों के खुलासे में अहम भूमिका निभाने वाला लेब्राडोर नस्ल का श्वान इंट्रोफोर्ड (मेल) मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद दुनिया को अलविदा कह गया. वर्ष 2019 से बागपत पुलिस की सेवा में तैनात इंट्रोफोर्ड ने हत्या, चोरी और अन्य गंभीर अपराधों की जांच में अपनी सूंघने की अद्भुत क्षमता से पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग दिए.
उसके निधन पर पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई. पुलिस लाइन में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई, जहां पुलिस अधीक्षक सहित अधिकारियों और कर्मचारियों ने शोक सलामी देकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की.
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काफी समय से था बीमार
बागपत पुलिस के अनुसार, इंट्रोफोर्ड काफी समय से बीमार था. पहले उसका उपचार जिला पशु चिकित्सालय, बागपत में कराया गया. बाद में बेहतर इलाज के लिए उसे सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ तथा अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया. चिकित्सकों के लगातार प्रयासों के बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हो सका और 28 जुलाई 2026 को उसने अंतिम सांस ली.
निधन के बाद राजकीय पशु चिकित्सालय में उसका पोस्टमार्टम कराया गया. इसके बाद पुलिस लाइन में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई समारोह आयोजित किया गया. समारोह में पुलिस अधीक्षक, अन्य अधिकारी और कर्मचारियों ने पुष्प अर्पित कर शोक सलामी दी. इसके बाद पुलिस लाइन परिसर में निर्धारित स्थान पर सम्मान के साथ इंट्रोफोर्ड को दफनाया गया.
सात वर्षों तक निभाई अहम जिम्मेदारी
एसपी सूरज कुमार राय ने बताया कि इंट्रोफोर्ड का जन्म 4 जुलाई 2018 को हुआ था. 19 दिसंबर 2019 को उसे बागपत पुलिस श्वान दल में शामिल किया गया. उसके डॉग हैंडलर आरक्षी शकील अहमद रहे. अपने सेवा काल में वह पुलिस टीम का अभिन्न हिस्सा बन गया था. किसी भी बड़ी वारदात के बाद घटनास्थल पर पहुंचकर वह महत्वपूर्ण सुराग जुटाने में पुलिस की मदद करता था. उसकी सूंघने की क्षमता और विशेष प्रशिक्षण के कारण कई मामलों में जांच सही दिशा में आगे बढ़ी.
पुलिस परिवार ने नम आंखों से दी विदाई
पुलिस लाइन में आयोजित अंतिम विदाई समारोह भावुक कर देने वाला रहा. अधिकारियों और कर्मचारियों ने इंट्रोफोर्ड को पुलिस परिवार का समर्पित सदस्य बताते हुए कहा कि उसने अपने पूरे सेवाकाल में निष्ठा, साहस और कर्तव्यपरायणता का परिचय दिया. उसकी सेवाएं हमेशा याद रखी जाएंगी. शोक सलामी के बाद पूरे सम्मान के साथ उसे पुलिस लाइन परिसर में दफनाया गया.
हत्या के सनसनीखेज मामलों में दिलाई सफलता
इंट्रोफोर्ड की सबसे बड़ी उपलब्धियों में 3 जुलाई 2022 को थाना बालैनी क्षेत्र के ग्राम मवीकला में हुई हत्या का मामला शामिल है. घटनास्थल से उसने ऐसे महत्वपूर्ण सुराग जुटाए, जिनके आधार पर पुलिस टीम आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही और घटना का खुलासा हुआ.
15 दिसंबर 2022 को ग्राम फखरपुर में बालक शौर्य की हत्या कर शव खेत में दबा दिया गया था. इस जघन्य वारदात में भी इंट्रोफोर्ड ने महत्वपूर्ण संकेत देकर पुलिस को शव तक पहुंचने और पूरे मामले का खुलासा करने में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की.
मंदिर चोरी का भी कराया खुलासा
5 फरवरी 2025 को थाना छपरौली क्षेत्र के ग्राम हलालपुर स्थित मंदिर में हुई चोरी की घटना में भी इंट्रोफोर्ड ने संदिग्धों की गतिविधियों से जुड़े अहम सुराग उपलब्ध कराए. इन सुरागों के आधार पर पुलिस ने चोरी गया सामान बरामद किया और घटना का सफल अनावरण किया. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इंट्रोफोर्ड ने कई अन्य मामलों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिनकी बदौलत अपराधियों तक पहुंचना आसान हुआ.
इंट्रोफोर्ड की प्रमुख उपलब्धियां
- वर्ष 2019 से बागपत पुलिस श्वान दल का सक्रिय सदस्य रहा.
- मवीकला गांव में एक हत्याकांड (03 जुलाई 2022) के खुलासे में अहम सुराग दिए.
- फखरपुर गांव में बालक शौर्य हत्याकांड (15 दिसंबर 2022) में शव बरामदगी और खुलासे में महत्वपूर्ण योगदान दिया.
- हलालपुर मंदिर चोरी (05 फरवरी 2025) में संदिग्धों तक पहुंचने और चोरी का सामान बरामद कराने में पुलिस की मदद की.
- हत्या, चोरी सहित कई महत्वपूर्ण मामलों में अपनी सूंघने की क्षमता और प्रशिक्षण से बागपत पुलिस की जांच को सफल बनाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई.
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