ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों से लगातार खतरों के बावजूद दर्जनों जहाज संकरी बाब अल-मंडेब स्ट्रेट से गुजर रहे हैं. न्यूयॉर्क टाइम्स के शिपिंग डेटा विश्लेषण से ये जानकारी सामने आई है. हालांकि रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि संघर्ष और समुद्री सुरक्षा को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के कारण कई जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ रहा है और अपनी यात्रा पूरी करने से पहले ही यू-टर्न लेना पड़ रहा है.
पिछले हफ़्ते हूती विद्रोहियों ने कम से कम तीन तेल टैंकरों को निशाना बनाया. इनमें से सबसे हालिया हमला शुक्रवार को हुआ. लाल सागर में किसी भी तरह की लगातार रुकावट से ग्लोबल व्यापार को एक और झटका लग सकता है, जो पहले से ही मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के दबाव से जूझ रहा है. अमेरिका और ईरान के बीच चल रही लड़ाई अब अपने पांचवें महीने में है. इसके चलते होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाला आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. यह एक अहम समुद्री रास्ता है, जिसके जरिए पहले दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता था.
पाइपलाइन के जरिए तेल भेज रहा सऊदी
मिडिल ईस्ट तनाव और हमलों के बीच सऊदी अरब रोजाना लाखों बैरल कच्चा तेल एक जमीनी पाइपलाइन के जरिए भेज रहा है, जो फारस की खाड़ी को लाल सागर से जोड़ती है. इस कच्चे तेल का एक बड़ा हिस्सा बाद में बाब-अल-मंडेब स्ट्रेट से गुजरता है, जो हूती-नियंत्रित इलाके के पास स्थित एक संकरा और अहम रास्ता है. इस वैकल्पिक सप्लाई लाइन पर खतरा बढ़ गया है, क्योंकि इस हफ़्ते की शुरुआत में हूतियों ने सऊदी अरब से जुड़े जहाजों को निशाना बनाने की योजना का ऐलान किया था.
43 जहाजों ने पार किया बाब अल-मंडेब
समुद्री मामलों की कंपनी Kpler के ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, शुरुआती संकेतों से तुरंत रुकावट का पता चला है. लगभग एक दर्जन जहाज या तो वापस लौट गए या उन्होंने इस जलडमरूमध्य (strait) से गुजरने से पूरी तरह परहेज किया. Kpler के डेटा से पता चला कि समुद्री गतिविधियों में एक समान रूप से कमी नहीं आई है. गुरुवार को 43 जहाजों ने बाब अल-मंडेब को पार किया, जो पिछले दिन के 35 जहाज़ों की तुलना में अधिक था.
यह तब हुआ, जब हूतियों ने सऊदी तेल टैंकरों पर हमलों की जिम्मेदारी ली थी. शुक्रवार को लाल सागर में सऊदी-संबद्ध एक जहाज को भी निशाना बनाया गया. अधिकारियों ने मामूली नुकसान की पुष्टि की और बताया कि कोई हताहत नहीं हुआ, जिससे जहाज अपने रास्ते पर आगे बढ़ सका.
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