हरिद्वार की विश्वप्रसिद्ध हर की पैड़ी इन दिनों एक अलग ही वजह से चर्चा में है. सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक वीडियो में गंगनहर की वार्षिक सफाई और मरम्मत के लिए जल प्रवाह रोके जाने के बाद घाट का बड़ा हिस्सा जलविहीन नजर आ रहा है. सामान्य दिनों में जिस स्थान पर गंगा की धारा में श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई देती है, वहां अब नदी की तलहटी और वर्षों से पानी के नीचे छिपी संरचनाएं नजर आने लगी हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर पुरानी रेलवे पटरी जैसी दिखने का वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रहे हैं.
बदला हर की पैड़ी का नजारा
दरअसल, ऊपरी गंगनहर को हर साल निर्धारित अवधि के लिए सफाई, सिल्ट हटाने और आवश्यक मरम्मत कार्यों के लिए बंद किया जाता है. इस वर्ष भी 20 अक्टूबर की रात से जल प्रवाह रोका गया है और नवंबर के पहले सप्ताह में इसे दोबारा शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है. इस कारण हर की पैड़ी पर सामान्य जलधारा नहीं दिखाई दे रही है. पानी कम होने से श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. गंगा स्नान, आचमन और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के लिए हरिद्वार पहुंचे लोगों को घाट का बदला हुआ स्वरूप देखकर निराशा हुई.
अंग्रेज गए पर हर की पैड़ी पर रलवे पटरी छोड गए साल में एक बार दिखती है हर साल हर की पैड़ी हरिद्वार में अस्थाई गंगा बंदी के दौरान दिखाई देती हैं हर वर्ष दशहरा से दिवाली तक गंगा बंदी की जाती है, जो की 20-21 अक्टूबर की मध्य रात्रि से 7-8 नवंबर की मध्य रात्रि तक चलेगी |🕉🌊 https://t.co/4MPpJBfSRM
— TejasPurohit (@TejashPurohit55) October 22, 2026
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सामने आई पुरानी रेल पटरी
जलस्तर कम होने के बाद हर की पैड़ी और आसपास के क्षेत्र में नदी की तलहटी स्पष्ट दिखाई देने लगी. इसी दौरान रोड़ी बेलवाला क्षेत्र के पास रेल पटरी जैसी संरचना सामने आने की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. इससे लोगों के बीच सवाल उठने लगा कि आखिर गंगा की तलहटी में रेलवे लाइन कैसे पहुंची? कई रिपोर्ट्स में इसे अंग्रेजों के दौर की छोटी रेल या मनोरंजन के लिए इस्तेमाल होने वाले मिनिएचर रेलवे ट्रैक बताया गया है.
इतिहास की तस्वीर
रोड़ी बेलवाला कभी हरिद्वार का बड़ा खुला क्षेत्र था. समय के साथ इलाके का स्वरूप बदलता गया और आधुनिक सड़क, यातायात तथा शहरी विकास ने पुरानी निशानियों को काफी हद तक ढक दिया. पानी के नीचे रहने के कारण यह पुराना ट्रैक लंबे समय तक आम लोगों की नजरों से दूर रहा. गंगनहर की बंदी के दौरान जब जलधारा पीछे हटती है, तो ऐसी ऐतिहासिक संरचनाएं फिर दिखाई देने लगती हैं.
कमेंट्स कर रहे लोग
वायरल वीडियो को देख कई लोग इसके बारे में और जानने की बात कर रहे हैं. कुछ यूजर इस छिपी हुई जगह की तारीफ कर रहे हैं, तो कुछ यूजर जगह के बारे में जानकारी चाहते हैं. एक यूजर ने कमेंट कर पूछा कि इस जगह का नाम क्या है, मैं भी इसे देखना चाहता हूं. एक अन्य यूजर ने कमेंट किया कि हमारे देश में ऐसी कई चीजें देखने को मिल जाती है.
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