बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी और हिमाचल प्रदेश की राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला है. डॉ. बिंदल ने महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) और राज्य में पंचायती राज चुनावों को लेकर कांग्रेस पर ‘एंटी-वूमेन’ मानसिकता और लोकतंत्र को बंधक बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं.
‘बिल गिरने पर जश्न मनाना कांग्रेस की महिला विरोधी मानसिकता’
डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष संसद सत्र बुलाकर महिलाओं को सत्ता में भागीदारी देने का ऐतिहासिक कदम उठाया था, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने इस अवसर को कुचल दिया. उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, “यह वह क्षण था जब देश की आधी आबादी को सत्ता की चाबी सौंपनी थी, लेकिन कांग्रेस ने 70 करोड़ बहनों की पीठ में छुरा घोंपने का काम किया है.”
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 40 वर्षों तक महिला आरक्षण को लटकाए रखा और जब इसके लागू होने का समय आया, तो वह दीवार बनकर खड़ी हो गई. डॉ. बिंदल ने कहा कि बिल गिरने के बाद कांग्रेस द्वारा जश्न मनाना और मिठाइयां बांटना यह साबित करता है कि वे महिलाओं के अधिकारों के घोर विरोधी हैं. उन्होंने हिमाचल के कांग्रेस नेताओं पर भी इस मुद्दे पर गोलमोल बयान देकर महिला अधिकारों के खिलाफ खड़े होने का आरोप लगाया.
23 अप्रैल को शिमला में निकलेगी ‘जन आक्रोश पदयात्रा’
महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई को सड़क पर ले जाने का ऐलान करते हुए डॉ. बिंदल ने बताया कि आगामी 23 अप्रैल को शिमला में एक विशाल “जन आक्रोश पदयात्रा” निकाली जाएगी. इस प्रदर्शन में हजारों महिलाएं शामिल होकर कांग्रेस की नीतियों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएंगी.
पंचायत और निकाय चुनाव हाइजैक करने का आरोप
प्रेस वार्ता के दूसरे हिस्से में डॉ. बिंदल ने राज्य सरकार पर पंचायती राज और शहरी निकाय चुनावों को जानबूझकर टालने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने का आरोप लगाया.
चुनाव आयोग को लिखना पड़ा पत्र: उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के असहयोग के कारण चुनाव आयोग को मजबूरन राज्यपाल को 35 पन्नों का पत्र लिखना पड़ा. यह न्यायालय का ही हस्तक्षेप था जिसने इस ‘लोकतंत्र को बंधक बनाने के प्रयास’ को विफल किया.
विकास का पैसा छीना: डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने पंचायतों और नगर निकायों के लिए केंद्र के वित्त आयोग से आए धन को जबरन अपने पास मंगवा लिया, जिससे गांवों और शहरों के विकास कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं.
शहरी निकाय चुनावों की घोषणा का स्वागत करते हुए प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष ने इसे जनता और न्यायपालिका की जीत बताया. उन्होंने विश्वास जताया कि जल्द ही पंचायत चुनाव भी घोषित होंगे. अपनी बात खत्म करते हुए डॉ. बिंदल ने कहा, “एक तरफ मोदी सरकार है जो महिलाओं को अधिकार देना चाहती है, और दूसरी तरफ कांग्रेस है जो अधिकार छीनने और लोकतंत्र को हाइजैक करने में लगी है- अब इसका फैसला जनता करेगी.”
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