नीचभंग राजयोग कब बनता है – जब ग्रह अपनी नीच राशि में विराजमान होता है बुरा प्रभाव पड़ता है लेकिन कई बार कोई ग्रह नीच राशि में इस तरह से बैठता है कि उसकी नीच की अवस्था खत्म हो जाती है और ग्रह प्रबल राजयोग बनकर शुभ फल प्रदान करने लगता है. 18 सितंबर को मंगल अपनी नीच राशि कर्क में जाएंगे, यहां पहले से ही गुरु बैंठें हैं इसलिए इसका नीचत्व भंग हो जाएगा, और ये शुभता प्रदान करेगा.

मंगल का नीचभंग राजयोग आपके लिए तरक्की के नए रास्ते खोल सकता है. नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने के योग हैं. लंबे समय से अटका काम दोबारा गति पकड़ सकता है. विदेश से जुड़े काम या अवसरों में भी फायदा मिल सकता है.

तुला राशि: करियर में नए और बेहतर अवसर मिल सकते हैं. कार्यक्षेत्र में कोई बड़ी उपलब्धि हासिल होने के योग हैं. नए प्रोजेक्ट, साझेदारी या कारोबार विस्तार की योजना बन सकती है. आय के नए स्रोत बनेंगे और परिवार की ओर से भी सुखद समाचार मिल सकता है.

करियर में नए और बेहतर अवसर मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में कोई बड़ी उपलब्धि हासिल होने के योग हैं। नए प्रोजेक्ट, साझेदारी या कारोबार विस्तार की योजना बन सकती है। आय के नए स्रोत बनेंगे और परिवार की ओर से भी सुखद समाचार मिल सकता है।

मेष राशि: मंगल आपके स्वामी ग्रह हैं, ऐसे में कर्क में मंगल का गोचर और नीचभंग राजयोग आपके लिए खास रहेगा. नौकरी में नई जिम्मेदारियां और प्रभाव बढ़ेगा. पुराने प्रोजेक्ट से लाभ मिल सकता है. जमीन, मकान और वाहन से जुड़े मामलों में आगे बढ़ने के मौके मिलेंगे, हालांकि निवेश में सावधानी जरूरी होगी.
Published at : 07 Sep 2026 10:08 AM (IST)
