Crude Oil Price: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर एक बार फिर दुनिया की नजर टिकी हुई है. ब्रेंट क्रूड 84 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार कर रहा है, जबकि अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 81 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान के साथ बातचीत की कोशिशों और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से पूरी तरह खुलने की उम्मीदों के बीच तेल बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है.
क्यों अटके हुए हैं कच्चे तेल के दाम?
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत होने से भू-राजनीतिक तनाव कुछ कम होने की उम्मीद है. दूसरी ओर, निवेशकों की नजर हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर भी है, क्योंकि यहां से तेल आपूर्ति नॉर्मल होने पर वैश्विक बाजार को राहत मिल सकती है. इन दोनों कारणों से फिलहाल तेल की कीमतों में बहुत बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को नहीं मिल रहा.
पटना में 1,031 रुपए में मिला गैस सिलेंडर, जानें दिल्ली- मुंबई समेत बाकि शहरों का क्या है हाल?
84 डॉलर पर ब्रेंट, 81 डॉलर पर WTI
दुनिया में सबसे ज्यादा ट्रैक किए जाने वाले दो बेंचमार्क क्रूड ऑयल में ब्रेंट क्रूड 84 डॉलर प्रति बैरल के करीब बना हुआ है. वहीं, अमेरिकी बेंचमार्क WTI करीब 81 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है. दोनों बेंचमार्क की चाल पर ही दुनिया भर के तेल बाजार की नजर रहती है.
भारत की क्यों है नजर?
भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने पर देश का आयात बिल बढ़ सकता है. अगर यह तेजी लंबे समय तक बनी रहती है तो हो सकता है आगे चलकर पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी दबाव देखने को मिले.
आज 4 अगस्त को कितनी है पेट्रोल-डीजल की कीमत? फटाफट जानें आज का लेटेस्ट फ्यूल रेट
क्या पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ सकते हैं?
अभी तो देश में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. हालांकि, अगर कच्चा तेल लगातार ऊंचे स्तर पर बना रहता है और वैश्विक हालात नॉर्मल नहीं होते हैं तो तेल कंपनियां आगे चलकर कीमत बढ़ा सकती हैं.
