- तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर अंतिम क्षणों में उठा विवाद
- वीसीके ने टीवीके के समर्थन से आखिरी समय में किया इनकार
- राज्यपाल ने शपथ ग्रहण समारोह की घोषणा में की देरी
- कांग्रेस ने अपने विधायकों को बेंगलुरु किया शिफ्ट
तमिलनाडु में चुनाव बाद ड्रामेबाजी शुक्रवार (8 मई, 2026) की देर रात उस वक्त देखी गई, जब टीवीके चीफ विजय को शनिवार (9 मई, 2026) को शपथ लेना था, लेकिन आखिरी वक्त पर समर्थन देने से वीसीके मुकर गई. इसके बाद राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर को आधिकारिक तौर पर शपथ ग्रहण के ऐलान में देरी करने पड़ी है. इस बीच सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस पार्टी ने अपने पांचों विधायकों को चेन्नई से बेंगलुरु में शिफ्ट कर दिया है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज्यपाल अर्लेकर अभी वीसीके के समर्थन पत्र का इंतजार रहे हैं. जबकि इससे पहले विजय ने तीसरी बार राजभवन जाकर राज्यपाल से मुलाकात की और उन्हें 116 विधायकों के समर्थन वाला लेटर सौंपा. हालांकि, अभी भी सरकार के लिए जरूरी बहुमत से 2 का आंकड़ा कम है.
इससे पहले यह कहा जा रहा था कि VCK और IUML ने टीवीके को समर्थन दे दिया है, जिससे अब विजय के गठबंधन का आंकड़ा 121 तक पहुंच गया था. इसी आधार पर शनिवार (9 मई) की सुबह 11 बजे विजय के शपथ लेने की चर्चा थी, लेकिन घटनाक्रम में फिर मोड़ आया, जब IUML ने टीवीके को समर्थन देने की खबरों का खंडन कर दिया और कहा कि वह DMK के साथ ही बनी रहेगी.
राज्यपाल समर्थन पत्र मिलने के बाद ही करेंगे शपथ ग्रहण की घोषणा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले दो घंटों से टीवीके नेता VCK प्रमुख थोल. तिरुमावलवन से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनका पता नहीं चल पा रहा है. राजभवन के कहा गया कि राज्यपाल कार्यालय VCK का औपचारिक समर्थन पत्र मिलने के बाद ही शपथ ग्रहण समारोह की घोषणा करेगा. पार्टी शनिवार (9 मई) को TVK को समर्थन देने पर फैसला करेगी.
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विजय को किस-किस पार्टी का मिला समर्थन?
थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) को कांग्रेस, CPI और CPI(M) का समर्थन मिल चुका है. गौरतलब है कि VCK, CPI और CPI(M) पहले DMK के सहयोगी रहे हैं. वहीं, शपथ ग्रहण में देरी के पीछे आखिरी समय की राजनीतिक सौदेबाजी भी बताई जा रही है.
AMMK महासचिव ने कही हैरान करने वाली बात
AMMK के महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने कहा, ‘मैं AIADMK का समर्थन कर रहा हूं. मैंने सरकार बनाने के लिए एडप्पादी पलानीस्वामी के समर्थन में यह पत्र सौंपा है. हमारे विधायक कामराज ने भी इस पर हस्ताक्षर किए हैं और इसे मेरे सचिव के जरिए भेजा है. जब मैंने TVK देखा, तो मैं हैरान रह गया, क्योंकि वहां कोई दूसरा ही पत्र था, शायद कोई जाली पत्र या फिर यह विधायकों की खरीद-फरोख्त हो सकती है.’
उन्होंने कहा, ‘मैंने अपने विधायक को फोन किया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया. उन्होंने शाम करीब 6:30 बजे इस पत्र पर हस्ताक्षर किए थे और इसे यहां भेजा था. जब मैंने टीवी पर देखा कि हमारी पार्टी ने विजय का समर्थन किया है, तो मैं हैरान रह गया. इसलिए मैंने राज्यपाल से मिलने का समय लिया और उन्हें वह पत्र सौंपकर उनसे इस मामले की जांच करने का आग्रह किया. मुझे लगता है कि यह जाली है या फिर विधायकों की खरीद-फरोख्त का मामला है. उन्हें इसकी अनुमति नहीं देनी चाहिए.’
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