बिहार के सीवान में बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा और फायरिंग की घटना के बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि छात्रों के खिलाफ पूरा सिस्टम ही जानलेवा बन चुका है. उन्होंने कहा कि बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर AK 47 से गोलियां चलने की खबरें सामने आई हैं और सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है. राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से सवाल पूछा कि छात्रों पर एफआईआर न करने और उन्हें रिहा करने का वादा कहां गया. उन्होंने कहा कि सरकार अपनी बातों से पीछे हट रही है और छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है.
‘छात्रों के खिलाफ पूरा सिस्टम जानलेवा’
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में कहा कि छात्रों के खिलाफ पूरा का पूरा सिस्टम ही जानलेवा हो गया है. उन्होंने लिखा कि खबरें आ रही हैं कि बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर AK 47 से गोलियां चलाई गई हैं और सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है.
मोदी सरकार से पूछा वादा कहां गया
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल करते हुए कहा कि छात्रों पर कोई एफआईआर नहीं करने और उन्हें रिहा करने का वादा आखिर कहां गया. उन्होंने आरोप लगाया कि इसके उलट छात्रों पर घातक हमले किए जा रहे हैं और उनके साथ बर्बरता हो रही है.
दिल्ली से बिहार तक एक जैसा पैटर्न होने का आरोप
राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली में छात्रों पर पेलेट गन चली और बिहार में AK 47 से गोली चलने की बात सामने आ रही है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार और दिल्ली समेत हर जगह एक जैसा पैटर्न दिखाई दे रहा है. राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले भी उन्होंने कहा था कि यह सरकार झूठे वादे करती है. उनके मुताबिक सरकार सुधार करने में सक्षम नहीं है और हर तरीके से छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने प्रधानमंत्री से देश के छात्रों से माफी मांगने और छात्रों पर हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की.
सीवान में बिहार बंद के दौरान भड़की हिंसा
राहुल गांधी का यह बयान बिहार के सीवान में बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा के बाद सामने आया है. शनिवार को बिहार बंद के दौरान आंदोलन ने हिंसक रूप ले लिया. पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसमें फायरिंग भी हुई. इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया. बताया गया कि फायरिंग में तीन प्रदर्शनकारी घायल हुए, जबकि पथराव और झड़प में सीवान के एसपी पूरन कुमार झा, दो डीएसपी सहित करीब 25 पुलिसकर्मी भी घायल हो गए. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी सीवान की घटना की निंदा करते हुए दावा किया कि पुलिस ने छात्रों पर AK 47 से गोलियां चलाईं. हालांकि पुलिस ने इस आरोप की पुष्टि नहीं की है.
तीन प्रदर्शनकारी गोली लगने से घायल
फायरिंग में घायल होने वालों की पहचान सीवान के शेख मोहल्ला निवासी आरिफ, दरौली थाना क्षेत्र के बुलेट कुमार गोंड और उत्तर प्रदेश के रायबरेली निवासी आकाश कुमार के रूप में हुई है. तीनों घायलों को बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया है.
पुलिस बोली- जांच के बाद ही साफ होगी सच्चाई
सीवान के एसपी पूरन कुमार झा ने कहा कि छात्रों को गोली किसकी लगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है. उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और सभी तथ्यों की पड़ताल की जाएगी. एसपी के मुताबिक बिहार बंद के दौरान हुए बवाल के बाद अब तक 65 उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है.
