- ईरान के दो तेल टैंकरों पर अमेरिका ने की कार्रवाई।
- ओमान की खाड़ी में टैंकरों को अमेरिकी नौसेना ने निष्क्रिय किया।
- अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने टैंकरों के रडार को क्षतिग्रस्त किया।
- तीनों निष्क्रिय टैंकर अब ईरान की ओर नहीं बढ़ रहे।
Middle East Conflicts: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष और तनाव के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. अमेरिका की सेना ने शुक्रवार (8 मई, 2026) को दावा किया है कि उसने ईरानी झंडा लगे दो और तेल टैंकरों M/T Sea Star III और M/T Sevda पर कार्रवाई करके उन्हें निष्क्रिय कर दिया है. इस घटना के दौरान हुई फायरिंग में 10 ईरानी सैनिकों के घायल होने की भी खबर है. अमेरिकी सेना ने कहा कि इन दोनों टैंकरों पर उस वक्त कार्रवाई की गई, जब ये स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को तोड़कर ओमान की खाड़ी में स्थित एक ईरानी बंदरगाह में घुसने की कोशिश कर रहे थे. अमेरिका ने आरोप लगाया कि ये जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जारी अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहे थे.
सेंटकॉम ने ईरानी जहाज पर हमले की साझा की जानकारी
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना के F/A-18 सुपर हॉर्नेट लड़ाकू विमान, जिसने USS जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश (CVN 77) से उड़ान भरी थी, ने दोनों टैंकरों की चिमनियों पर सटीक हमला किया, जिससे वे आगे बढ़ने में नायक नहीं रह गए. इससे पहले बुधवार (6 मई, 2026) को भी अमेरिकी बलों ने M/T Hasna को निष्क्रिय किया था.
— U.S. Central Command (@CENTCOM) May 8, 2026
सेंटकॉम के मुताबिक, यह जहाज भी ओमान की खाड़ी में एक ईरानी बंदरगाह की ओर बढ़ रहा था. USS अब्राहम लिंकन (CVN 72) से उड़ान भरने वाले एक F/A-18 सुपर हॉर्नेट लड़ाकू विमान ने 20 मिमी तोप से कई राउंड फायर कर टैंकर जहाज के रडर को क्षतिग्रस्त कर दिया. सेंटकॉम ने कहा कि अब ये तीनों जहाज ईरान की तरफ नहीं बढ़ रहे हैं.
ईरान आवागमन करने वाले जहाजों पर नाकेबंदी के लिए हम प्रतिबद्धः कूपर
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के कमांडर ब्रैड कूपर ने कहा, ‘मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सेना ईरान आने और जाने वाले जहाजों की नाकेबंदी को पूरी तरह से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है. हमारे सैनिक शानदार काम कर रहे हैं.’
अमेरिकी सेना के मुताबिक, कई कॉमर्शियल जहाजों को निष्क्रिय किया गया है और 50 से ज्यादा जहाजों का रास्ता बदला गया है, ताकि नाकेबंदी का पालन सुनिश्चित किया जा सके.
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