Jabalpur Boat Accident: कुछ दिन पहले जबलपुर बोट हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था. 30 अप्रैल 2026 को हुए इस दर्दनाक हादसे में कई परिवारों की खुशियां पल भर में उजड़ गई. हादसे के बाद सोशल मीडिया पर एक तस्वीर तेजी से वायरल हुई थी, जिसमें एक मां अपने 4 साल के बेटे को सीने से लगाए दिखाई दे रही थी. उस तस्वीर ने लोगों को अंदर तक हिला दिया था. अब इस हादसे को लेकर बच्चों के पिता ने ऐसा खुलासा किया है, जिसे सुनकर लोग हैरान भी है और इमोशनल भी हो रहे हैं.
दिल्ली के रहने वाले प्रदीप कुमार जिन्होंने इस हादसे में अपनी पत्नी और बेटे त्रिशान को खो दिया. उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनके बेटे को पहले जैसे ही किसी अनहोनी का अंदेशा हो गया था. पिता का कहना था कि हादसे से पहले बच्चा लगातार पानी में जाने से डर रहा था.
हादसे से पहले कह रहा था- पापा पानी में नहीं जाना चाहिए
प्रदीप कुमार ने बताया कि बोट पर चढ़ने से पहले उनका 4 साल का बेटा बार-बार कह रहा था. पापा पानी में नहीं जाना चाहिए, पानी में डूब जाते हैं उस वक्त परिवार ने इस बच्चे का सामान्य डर समझा, लेकिन अब वहीं बातें उन्हें अंदर तक तोड़ रही है. पिता ने इमोशनल होकर कहां मेरे बेटे को शायद कुछ दिख गया था उन्होंने बताया कि बोट के अंदर भी बच्चे ने एक ऐसा सवाल पूछा जिसे वह अब तक भूल नहीं पाए. प्रदीप कुमार ने बताया कि जब वह अपने बेटे को गोद में लेकर बैठे थे, तब अचानक बच्चे ने पूछा पापा हम डूब रहे हैं क्या उस समय वहां कोई तूफान या घबराहट जैसी स्थिति नहीं थी. इसलिए उन्होंने बेटे को डांट दिया. पिता ने रोते हुए कहा मेरी डांट के बाद वह इतना सहम गया था कि अब लगता है उसे कुछ महसूस हो गया था. त्रिशान की बड़ी बहन सिया ने भी बताया कि जब परिवार ट्रिप पर निकल रहा था तभी उसका छोटा भाई पानी में जाने को लेकर डर जाहिर कर रहा था. उसने कहा था पापा पानी में नहीं जाना चाहिए, हादसे के बाद परिवार की यह बातें अब लोगों को और ज्यादा इमोशनल कर रही है. सोशल मीडिया पर भी लोग इस कहानी को सुनकर अपने इमोशन जाहिर कर रहे हैं.
परिवार ने अब तक नहीं खोले ट्रिप वाले बैग
हादसे के बाद जब परिवार दिल्ली वापस लौटा तब से घर का माहौल पूरी तरह बदल चुका है. प्रदीप कुमार ने बताया कि उनकी पत्नी ने जो बैग ट्रिप के लिए पैक किए थे, वह आज भी वैसे ही रखे हैं. उन्होंने कहा जब-जब उनका सामान देखेंगे, तब तब उनकी याद आएगी. पिता ने भावुक होकर बताया कि एयरपोर्ट से लौटने के बाद परिवार में किसी की हिम्मत नहीं हुई कि उन बैग्स को खोला जाए. उन्होंने कहा मेरे बेटे और पत्नी का सामान खोलकर देखने की हिम्मत ही नहीं हो रही.
सोशल मीडिया पर भी इमोशनल हुए लोग
इस दर्दनाक कहानी को सुनने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स भी इमोशनल हो गए. कई लोगों ने कमेंट कर लिखा बच्चे का दिल बहुत साफ होता है. शायद उन्हें कुछ महसूस हो जाता है. वहीं कुछ नहीं लिखा यह पढ़कर आंखों में आंसू आ गए. दूसरे यूजर ने कहा भगवान किसी परिवार को ऐसा दुख कभी न दें. फिलहाल जबलपुर बोट हादसे की यह कहानी सोशल मीडिया पर लोगों को इमोशनल कर रही है और हर कोई मासूम बच्चे की बातें याद कर दुख जाता रहा है.
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