उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के पांचवे कुलपति के रूप में प्रो अनुपमा कौशिक शर्मा की नियुक्ति की गई है. जनभवन, लखनऊ द्वारा इस संबंध में आदेश निर्गत कर दिए गए हैं, जिसके अनुसार उन्हें कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष के लिए कुलपति नियुक्त किया गया है. प्रो. शर्मा मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की पांचवीं कुलपति होंगी.
कुलपति के रूप में उनकी नियुक्ति ऐतिहासिक होगी क्योंकि मदन मोहन मालवीय इंजीनियरिंग कॉलेज के समय से विश्वविद्यालय बनने के बाद अब तक किसी महिला के हाथ में संस्थान की कमान नहीं रही है. सम्भवतः प्रदेश के तकनीकी संस्थानों में भी अब तक कोई महिला कुलपति या निदेशक नहीं रही है. इस मायने में प्रो शर्मा की नियुक्ति विशेष है.
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पंजाब यूनिवर्सिटी से की है पढ़ाई
प्रो. शर्मा की उच्च शिक्षा पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ से हुई है. जहां उन्होंने 1993 में केमिकल इंजीनियरिंग में बीई, 1995 में केमिकल इंजीनियरिंग में एमई, 1999 में एमबीए फाइनेंस तथा 2005 में केमिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी की है. इसके साथ ही उन्होंने सांख्यिकी में पी जी डिप्लोमा तथा फ्रेंच भाषा में डिप्लोमा भी किया है. प्रो. शर्मा ने लेक्चरर के तौर पर वर्ष 1999 में अपना करियर पंजाब विश्वविद्यालय के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग से शुरू किया था. जहां वे 2008 में एसोसिएट प्रोफेसर और 2011 में प्रोफेसर बनीं.
प्रो शर्मा ने पंजाब यूनिवर्सिटी में विभिन्न प्रशासनिक दायित्वों का भी निर्वहन किया है, जिसमें प्रमुख हैं समन्वयक टेक्विप, अधिष्ठाता पुरातन छात्र संबंध, एवं अध्यक्ष, यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी. प्रो. शर्मा के पास शिक्षण, शोध, एवम अकादमिक प्रशासन में 31 वर्षों का विशद अनुभव है.
100 से अधिक शोध प्रकाशित
प्रो. शर्मा ने लगभग 100 अंतर्राष्ट्रीय/राष्ट्रीय शोध पत्र प्रकाशित किए हैं और 10 पी.एच.डी. शोध प्रबंधों का पर्यवेक्षण किया है. उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय/ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में आमंत्रित वक्तव्य दिए हैं और तकनीकी सत्रों की अध्यक्षता की है. उन्हें एशियन पॉलिमर एसोसिएशन का यंग रिसर्चर अवार्ड, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, नई दिल्ली का करियर अवार्ड फॉर यंग टीचर्स, तथा इंडो स्विस बाईलैटरल रिसर्च इनिशिएटिव फेलोशिप से सम्मानित किया जा चुका है.
अन्तराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाई
वे पंजाब यूनिवर्सिटी की एमबीए परीक्षा एवं सांख्यिकी डिप्लोमा परीक्षा की गोल्ड मैडलिस्ट भी रही हैं. उन्होंने फ्रांस, अमेरिका, चीन, स्विट्जरलैंड, एवं मलेशिया की अकादमिक यात्राएं भी की हैं. इसके अलावा, उन्होंने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार, डी आरडी )ओ, यूजीसी, एआईसीटीई तथा सीइसआईआर द्वारा वित्त पोषित एक दर्जन से अधिक शोध परियोजनाएं पूर्ण की हैं. उन्होंने आई आई टी खड़गपुर, आईआईएम कोलकाता, आईआईटी मुंबई जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में नेतृत्व एवं प्रबंधन से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लिया है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आस्ट्रिया, फ्रांस और जापान के विश्वविद्यालयों के साथ शोध सहयोग भी कर चुकी हैं. प्रो. शर्मा शोध, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए जानी जाती हैं. जल्द ही उनके पदभार ग्रहण करने की संभावना है.
