सुबह अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में मरीजों की देखभाल और शाम को दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फैशन मंच पर राजस्थान की संस्कृति का परचम. यह प्रेरणादायक कहानी है जोधपुर की प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ, फैशन आइकन और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर डॉ. सोनल परिहार की. उन्होंने कान्स फिल्म फेस्टिवल (Cannes Film Festival 2026) के रेड कार्पेट पर अपनी खूबसूरती और भारतीय सांस्कृतिक विरासत की अनोखी छाप छोड़कर दुनिया भर का ध्यान अपनी ओर खींचा है.
मेडिकल प्रोफेशन से जुड़ी डॉ. सोनल का यह सफर सिर्फ ग्लैमर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन सभी महिलाओं के लिए एक मिसाल है, जो अपने पेशे और सपनों को एक साथ जीना चाहती हैं. कान्स में उनके लुक्स ने भारतीय शिल्पकला, स्त्री शक्ति और परंपरा को बेहद शानदार ढंग से प्रस्तुत किया.
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कढ़ाई मशीनों के हिस्सों से बनी अनूठी ड्रेस
कान्स में डॉ. सोनल का पहला चर्चित परिधान कबाड़ और अनुपयोगी हो चुकी कढ़ाई मशीनों के हिस्सों से तैयार किया गया था. इसे डिजाइनर प्राशिक पुष्पलता सुखनंदन और इनीत रांधावा ने डिजाइन किया था. ड्रेस में लगे लकड़ी के बड़े कंधे के घेरे पारंपरिक भारतीय कढ़ाई फ्रेम से प्रेरित थे, जिसने सदियों पुरानी भारतीय कारीगरी को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सम्मान दिलाया.
प्रकृति और ‘मातृत्व’ को समर्पित अवतार
उनका दूसरा रेड कार्पेट लुक पूरी तरह से प्रकृति को समर्पित था. भारी कढ़ाई वाले इस परिधान में बहती नदियां, खिलते बगीचे और धरती की सुंदरता को बारीक हस्तकला के जरिए उकेरा गया था. उनके सिर पर सजे विशेष आभूषण में बने देवदूत ‘मातृत्व’ (Motherhood) का प्रतीक थे. यह उनके स्त्री रोग विशेषज्ञ होने के पेशे से भी गहराई से जुड़ता है, क्योंकि वे हर दिन नए जीवन को इस दुनिया में लाने में मदद करती हैं.
3. 400 साल पुरानी ‘डंका वर्क’ कला का जलवा
सबसे ज्यादा सुर्खियां उनके तीसरे लुक ने बटोरीं, जिसने राजस्थान की 400 वर्ष पुरानी दुर्लभ “डंका वर्क” कला को ग्लोबल मंच प्रदान किया. डिजाइनर नीतू सिंह के “मीना डंका” संग्रह को पहनकर सोनल ने पारंपरिक राजस्थानी साड़ी और आभूषणों में रेड कार्पेट पर कदम रखा. सोने की परत चढ़ी चांदी, तांबा और जर्मन सिल्वर से तैयार यह खूबसूरत परिधान भारतीय परंपरा और आधुनिक फैशन का एक अद्भुत संगम बन गया.
