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बंगाल में BJP का झंडा लहराने के बाद अब पंजाब होगी नई चुनौती, मिशन मोड में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन


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  • ढिल्लों की मदद से सिख समुदाय और ग्रामीण वोटरों तक पहुंचना लक्ष्य।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन अपना पद संभालने के बाद से ही लगातार देश के सभी राज्यों के तूफानी दौरे कर रहे हैं और सभी राज्यों के स्थानीय भाजपा नेताओं के साथ-साथ कार्यकर्ताओं से भी ग्राउंड रिपोर्ट ले रहे हैं. इसके अलावा, जिन राज्यों में आने वाले समय में चुनाव होने वाले हैं, वहां नितिन नबीन का विशेष फोकस है.

नबीन भाजपा नेताओं के साथ-साथ जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं तक को अपने अनुभव से जरूरी सुझाव और हिदायतें दे रहे हैं, साथ ही उनसे यह भी पूछ रहे हैं कि आप लोग बताइए चुनाव कैसे जीतेंगे? फिलहाल भाजपा राष्ट्रीय अध्य्क्ष नितिन नबीन तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर गए हैं. जहां उन्होंने अपने दौरे के पहले दिन भाजपा प्रदेश कोर कमेटी की बैठक की.

पश्चिम बंगाल चुनाव में जीत नितिन नबीन की बड़ी उपलब्धि

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करने के बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में पार्टी की प्रचंड जीत नितिन नबीन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनी जा रही है. जिसके बाद अब नितिन नबीन के लिए अगली बड़ी चुनौती पंजाब में अगले साल होने वाला विधानसभा चुनाव को कहा जा रहा है. 

पंजाब में बीजेपी की सरकार बनाने का जिम्मा केवल सिंह ढिल्लों को सौंपा

पंजाब में भारतीय जनता पार्टी को जीत दिलाने और भाजपा के नेतृत्व में सरकार बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पंजाब प्रदेश भाजपा की कमान वरिष्ठ नेता 76 वर्षीय केवल सिंह ढिल्लों को सौंपी है. इससे पहले पंजाब भाजपा की कमान सुनील जाखड़ के पास था. बता दें कि नितिन नबीन ने हाल ही में पंजाब के साथ-साथ दिल्ली, हरियाणा और त्रिपुरा के प्रदेश अध्यक्षों में बदलाव किया.

पंजाब की राजनीति में केवल सिंह ढिल्लों की पकड़ मजबूत

पंजाब भाजपा के नए अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के बेहद करीबी माने जाते हैं. वह एक बड़े कारोबारी होने के साथ-साथ किसान संगठनों से भी काफी सहानुभूति रखते हैं. ढिल्लों पंजाब की राजनीति में लंबे वक्त से सक्रिय है और दो बार राज्य के बरनाला विधानसभा सीट से विधायक भी रह चुके हैं. हालांकि, उन्होंने अपने राजनीति की शुरुआत कांग्रेस पार्टी के साथ की थी, लेकिन साल 2022 में वे कांग्रेस का साथ छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे.  

केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब की कमान सौंपने के पीछे पार्टी का उद्देश्य साफ है कि भाजपा अब सिर्फ शहरी हिंदुओं तक सीमित नहीं रहना चाहती है और वह ढिल्लों की मदद से राज्य के 58 फीसदी सिख समुदाय और ग्रामीण वोटरों तक अपनी पहुंच बनाना चाहते हैं. नितिन नबीन को उम्मीद है कि केवल सिंह ढिल्लों के अनुभव और राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी पैठ भाजपा को पंजाब में मजबूत आधार दे सकती है.

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