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CMRL केस: केरल के पूर्व CM विजयन पर दर्ज होगी FIR? ED ने DGP को लिखी चिट्ठी


तिरुवनंतपुरम में कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) से जुड़े कथित रिश्वत और फर्जी भुगतान मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के परिवार पर शिकंजा कस दिया है. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, ED ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) की धारा 66(2) के तहत केरल के पुलिस महानिदेशक (DGP) को पत्र भेजकर पिनाराई विजयन, उनकी बेटी टी. वीना, दामाद पी.ए. मोहम्मद रियास और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है.

ED ने अपने पत्र में PMLA के तहत की गई जांच और तलाशी के दौरान सामने आए कथित सबूतों और निष्कर्षों का हवाला दिया है. धारा 66(2) के तहत ED अपनी जांच के दौरान सामने आए अपराध संबंधी तथ्यों को दूसरी कानून प्रवर्तन एजेंसी के साथ साझा कर सकती है. इसके आधार पर पुलिस अलग से FIR दर्ज कर सकती है. पुलिस की FIR में सामने आए अपराध के आधार पर ED आगे PMLA के तहत भी कार्रवाई कर सकती है.

वीना की कंपनी को 2.78 करोड़ के भुगतान का आरोप

मामले की जांच का प्रमुख बिंदु CMRL और वीना की बंद हो चुकी कंपनी एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस के बीच कथित वित्तीय लेन-देन है. ED का आरोप है कि CMRL ने एक्सलॉजिक को आईटी कंसल्टेंसी सर्विस के नाम पर करीब 2.78 करोड़ रुपये का फर्जी भुगतान किया. एजेंसी इस रकम और इससे जुड़े लेन-देन की प्रकृति की जांच कर रही है.

तलाशी के बाद वीना से पूछताछ

ED ने जून में तिरुवनंतपुरम स्थित उस परिसर में भी तलाशी ली थी, जहां वीना अपने पिता पिनाराई विजयन के साथ किराए के मकान में रह रही थीं. तलाशी के बाद एजेंसी ने वीना से पूछताछ भी की थी. ED ने बाद में दावा किया था कि तलाशी के दौरान कुछ अहम दस्तावेज और अन्य सामग्री बरामद हुई.

हाथ से लिखे नोट और दुबई फंड ट्रांसफर का दावा

ED ने अगस्त में जारी अपने बयान में कहा था कि वीना टी. से जुड़े ठिकानों पर तलाशी के दौरान कुछ हाथ से लिखे नोट मिले. एजेंसी के मुताबिक, इन नोटों में दुबई में कुछ फंड ट्रांसफर किए जाने से संबंधित विवरण दर्ज था. ED अब इन दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन को CMRL मामले की व्यापक जांच से जोड़कर देख रही है.

राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप

ED की कार्रवाई पर पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और CPI(M) की ओर से राजनीतिक प्रतिशोध के आरोप लगाए गए हैं. पार्टी का कहना है कि केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है. हालांकि, ED अपनी जांच में सामने आए कथित वित्तीय लेन-देन और दस्तावेजों के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ा रही है.

आगे क्या?

अब गेंद केरल पुलिस के पाले में है. ED के पत्र के आधार पर यदि FIR दर्ज होती है, तो पुलिस मामले में आगे जांच कर सकती है. इसके बाद सामने आने वाले अपराध और मनी ट्रेल के आधार पर ED भी PMLA के तहत अपनी कार्रवाई को आगे बढ़ा सकती है. फिलहाल, FIR दर्ज होना और आरोपों का न्यायिक रूप से साबित होना अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं.



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