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Tech Layoffs: 5 महीने में 1 लाख से छटनी, 2026 में टेक सेक्टर का सुनहरा दौर खत्म, जानें किन कंपनियों ने दिया बड़ा झटका


Tech Layoffs: दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में इस समय एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. साल 2026 के केवल पहले पांच महीनों में ही 1 लाख से ज्यादा टेक कर्मचारियों की नौकरियां चली गई हैं. फेसबुक की पैरेंट कंपनी Meta, Amazon, Microsoft, Oracle, Cisco और कई अन्य कंपनियों ने बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनियां लागत कम करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में निवेश बढ़ाने के लिए अपने वर्कफोर्स को छोटा कर रही हैं.

छंटनी क्यों हो रही है?
छटनी के पीछे कई बड़े कारण हैं. सबसे पहला कारण तो AI तकनीक का तेजी से बढ़ता इस्तेमाल है. कंपनियां अब ऐसे कई काम AI और ऑटोमेशन से करवाना चाहती हैं, जिनके लिए पहले इंसानी कर्मचारियों की जरूरत पड़ती थी. दूसरा कारण कोविड महामारी के दौरान हुई जरूरत से ज्यादा भर्ती है. उस समय डिजिटल सेवाओं की मांग बढ़ने पर कंपनियों ने बड़े पैमाने पर कर्मचारियों को रखा था, लेकिन अब वे अपने खर्चों को संतुलित कर रही हैं. 

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AI भी है कारण?

हाल के महीनों में AI को नौकरी कटौती का सबसे बड़ा कारण बताया गया है. कई कंपनियां कह रही हैं कि AI की मदद से काम अधिक तेजी और कम लागत में हो सकता है. यही वजह है कि वे अपने कर्मचारियों की संख्या कम कर रही हैं. हालांकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि हर छंटनी के लिए केवल AI को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है. कई मामलों में कंपनियां पुनर्गठन और लागत नियंत्रण के लिए भी कर्मचारियों को निकाल रही हैं. 

किन कंपनियों ने की सबसे ज्यादा छंटनी?

2026 में Meta, Amazon, Microsoft, Oracle, Coinbase, Freshworks और Cisco जैसी कंपनियां बड़े पैमाने पर कर्मचारियों को निकालने वाली कंपनियों में शामिल रही हैं. कुछ कंपनियों ने हजारों कर्मचारियों को एक साथ बाहर का रास्ता दिखाया है. कई जगहों पर यह भी देखा गया कि पुराने पद खत्म किए गए और उनकी जगह AI से जुड़े नए पदों पर भर्ती शुरू हुई.

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कर्मचारियों में बढ़ रही चिंता

लगातार हो रही छंटनी से टेक सेक्टर में काम करने वाले लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है. खासकर नए ग्रेजुएट्स और एंट्री-लेवल कर्मचारियों के लिए नौकरी पाना पहले की तुलना में अधिक मुश्किल होता जा रहा है. कई रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि युवा सॉफ्टवेयर डेवलपर्स के लिए अवसरों में गिरावट आई है, क्योंकि कंपनियां अनुभवी कर्मचारियों और AI आधारित टूल्स पर अधिक भरोसा कर रही हैं. 

आगे क्या हो सकता है?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि AI पूरी तरह इंसानों की जगह नहीं ले सकता, लेकिन यह निश्चित रूप से काम करने के तरीके को बदल रहा है. आने वाले वर्षों में उन लोगों की मांग बढ़ेगी जो AI के साथ काम करना जानते हैं. इसलिए कर्मचारियों को नई तकनीकों, डेटा एनालिटिक्स, मशीन लर्निंग और AI टूल्स से जुड़े कौशल सीखने पर ध्यान देना होगा. 



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