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पूर्व TMC विधायक के घर-दफ्तर पर हमला, BJP पर आरोप, जांच में जुटी पुलिस


पश्चिम बंगाल के जादवपुर इलाके में शनिवार रात राजनीतिक तनाव की स्थिति बन गई. विजयगढ़ समेत आसपास के इलाकों में कई राजनीतिक कार्यालयों और नेताओं से जुड़े ठिकानों पर तोड़फोड़ की शिकायत सामने आई है. इनमें पूर्व TMC विधायक देबब्रत मजूमदार के घर और कार्यालय को भी निशाना बनाए जाने का आरोप है. घटना को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है.

रिपोर्टों के मुताबिक, जादवपुर के कई वार्डों में मोटरसाइकिलों पर आए लोगों के समूह ने कुछ CPI(M) कार्यालयों में भी तोड़फोड़ की. इस दौरान पार्टी के झंडे हटाने और कार्यालयों को नुकसान पहुंचाने के आरोप हैं.

पूर्व TMC विधायक के घर और कार्यालय पर हमला

पूर्व TMC विधायक देबब्रत मजूमदार के विजयगढ़ स्थित घर और कार्यालय में तोड़फोड़ की शिकायत सामने आई है. मजूमदार की ओर से जादवपुर थाने में लिखित शिकायत भी दी गई है. मीडिया रिपोर्टों में उनके परिवार के सदस्यों के साथ बदसलूकी और धक्का-मुक्की का भी आरोप लगाया गया है. हालांकि, घटना में शामिल लोगों की पहचान और उनके राजनीतिक संबंधों को लेकर पुलिस की ओर से अंतिम पुष्टि अभी सामने नहीं आई है.

करीब 100 बाहरी लोगों के आने का आरोप

देबब्रत मजूमदार ने आरोप लगाया है कि उनके घर पर हमला करने वालों में बड़ी संख्या में बाहरी लोग शामिल थे. ABP की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने करीब 100 लोगों के आने का दावा किया है. हालांकि, यह संख्या उनकी ओर से लगाया गया आरोप है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है.

BJP पर लगाए गए आरोप

घटना के बाद TMC नेताओं की ओर से BJP पर हमले के पीछे होने का आरोप लगाया गया है. कुछ रिपोर्टों में CPI(M) की ओर से भी BJP पर आरोप लगाए जाने की बात सामने आई है. दूसरी तरफ, उपलब्ध रिपोर्टों में BJP की ओर से इस घटना पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया दर्ज नहीं है, इसलिए फिलहाल BJP की कथित भूमिका को स्थापित तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि राजनीतिक आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए. पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हमले में कौन लोग शामिल थे.

कई CPI(M) कार्यालयों में भी तोड़फोड़

जादवपुर में तनाव केवल TMC से जुड़े ठिकानों तक सीमित नहीं रहा. रिपोर्टों के अनुसार KMC के वार्ड 96, 99, 101, 102, 105 और 106 में कई CPI(M) कार्यालयों में भी तोड़फोड़ हुई. कुछ जगहों पर पार्टी के झंडे हटाए जाने और कार्यालयों को नुकसान पहुंचाने की शिकायत है. इससे इलाके में राजनीतिक तनाव और बढ़ गया. स्थानीय स्तर पर अलग-अलग राजनीतिक दलों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप लगाए जा रहे हैं.

पुलिस की भूमिका पर भी सवाल

घटना के बाद TMC और CPI(M) नेताओं की ओर से पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं. कुछ नेताओं का कहना है कि सूचना देने के बावजूद पुलिस को मौके पर पहुंचने में समय लगा. हालांकि, इस संबंध में पुलिस की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है.



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