Headlines

Sirohi News: पिण्डवाड़ा पालिका में फर्जीवाड़े का खुलासा, जिंदा शख्स को सरकारी रिकॉर्ड में बताया मृत


राजस्थान के सिरोही जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सरकारी रिकॉर्ड की विश्वसनीयता और डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पिण्डवाड़ा नगर पालिका मंडल में एक जीवित व्यक्ति को सरकारी दस्तावेजों में मृत घोषित कर दिया गया. इतना ही नहीं, उसके नाम को जन आधार कार्ड से भी हटा दिया गया. मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

झाड़ोली निवासी लक्ष्मण माली ने पुलिस में दी शिकायत में बताया कि उनका विवाह सोनू माली के साथ हुआ था. दोनों का संयुक्त जन आधार कार्ड बना हुआ था, जिसमें उनकी पत्नी परिवार की मुखिया के रूप में दर्ज थी.

सचिन पायलट के RPCC चीफ बनने के दावों के बीच कांग्रेस के पूर्व नेता का बयान- उनके खिलाफ अशोक गहलोत नहीं…

लक्ष्मण माली के अनुसार वर्ष 2020 में पति-पत्नी के बीच मतभेद होने के बाद दोनों अलग-अलग रहने लगे. इसी बीच जनवरी 2026 में जब वह नया जन आधार कार्ड बनवाने के लिए ई-मित्र केंद्र पहुंचे तो ऑनलाइन प्रक्रिया के दौरान लगातार परेशानी आ रही थी. जब उन्होंने इसकी वजह जानने की कोशिश की तो जो जानकारी सामने आई, उसने उन्हें हैरान कर दिया.

सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें 6 मई 2020 से मृत घोषित किया जा चुका था. इसके कारण उनका नाम जन आधार कार्ड से हटा दिया गया था. एक जीवित व्यक्ति को सरकारी रिकॉर्ड में मृत दिखाए जाने की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित के होश उड़ गए.

पालिका के पत्र से खुली पूरी कहानी

मामले में नया मोड़ तब आया जब नगर पालिका मंडल पिण्डवाड़ा के वर्तमान अधिशाषी अधिकारी द्वारा जारी एक आधिकारिक पत्र सामने आया. इस पत्र में बताया गया कि तत्कालीन कंप्यूटर ऑपरेटर परेश कुमार माली पर गंभीर आरोप लगे हैं.

आरोप है कि उसने तत्कालीन अधिशाषी अधिकारी दीपिका वीरवाल की डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (डीएससी) और आईडी-पासवर्ड का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल करते हुए सरकारी रिकॉर्ड में बदलाव किया.

इसी प्रक्रिया के तहत जीवित व्यक्ति को मृत दर्शाने की कार्रवाई की गई. पालिका के पत्र में इस पूरे मामले को गंभीर अनियमितता और आपराधिक कृत्य की श्रेणी में माना गया है.

पत्नी और ई-मित्र संचालक पर भी आरोप

पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने केवल कंप्यूटर ऑपरेटर ही नहीं, बल्कि उनकी पत्नी सोनू माली, वीरवाड़ा के ई-मित्र संचालक हेमंत कुमार माली और अन्य लोगों को भी मामले में आरोपी बनाया है.

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि यह पूरी कार्रवाई सुनियोजित तरीके से की गई, जिससे लक्ष्मण माली को सामाजिक, आर्थिक और कानूनी नुकसान पहुंचाया जा सके. हालांकि, आरोपों की सत्यता का अंतिम फैसला जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा.

मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय के इस्तगासे के जरिए पुलिस थाना पिण्डवाड़ा में मुकदमा दर्ज कराया गया है. एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं.

इनमें धोखाधड़ी, कूट-रचना, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, फर्जी दस्तावेजों के उपयोग और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़ी धाराएं शामिल हैं. पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना ने सरकारी विभागों की डिजिटल सुरक्षा प्रणाली पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं. अगर किसी अधिकारी की डिजिटल सिग्नेचर और लॉगिन जानकारी का दुरुपयोग कर रिकॉर्ड में बदलाव किया जा सकता है, तो यह प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय है.

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी पोर्टलों पर संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा के लिए मजबूत निगरानी और जवाबदेही व्यवस्था जरूरी है. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी कर्मचारी को अधिकारों का दुरुपयोग करने का मौका न मिले.

तकनीकी जांच में जुटी पुलिस

मामले की जांच सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) ओमप्रकाश को सौंपी गई है. पुलिस अब जन आधार पोर्टल के लॉग्स, डिजिटल सिग्नेचर के इस्तेमाल, सिस्टम एक्सेस रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है.

Jaipur News: गजराज बीज घोटाले में बड़ा खुलासा, ACB के छापे में निदेशक के घर और बस से 2.44 करोड़ रुपये बरामद

जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि रिकॉर्ड में बदलाव किस स्तर पर और किन लोगों की भूमिका से किया गया. जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी.

एक जीवित व्यक्ति को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित करने का यह मामला अब प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है. लोगों के बीच भी यह सवाल उठ रहा है कि यदि रिकॉर्ड में इस तरह की गड़बड़ी हो सकती है, तो आम नागरिकों के अधिकार कितने सुरक्षित हैं.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *