Headlines

IND vs SL: डायरेक्ट हिट, क्रीज से बाहर था श्रीलंकाई बल्लेबाज, अंपायर ने दिया नॉटआउ; भड़के भारतीय खिलाड़ी


इंडिया-ए और श्रीलंका-ए के बीच ट्राई सीरीज का पहला मुकाबला मंगलवार (09 जून) को खेला गया. मैच में रनआउट के एक विवादित फैसले ने सबका ध्यान खींचा. हुआ कुछ ऐसा, स्टंप पर डायरेक्ट गेंद लगी, लेकिन फिर भी अंपायर ने श्रीलंकाई बल्लेबाज चमिका करुणारत्ने (Chamika Karunaratne) के रनआउट के फैसले को नॉटआउट करार दिया, जिस पर भारतीय खिलाड़ी भड़क गए. 

यह घटना दूसरी यानी श्रीलंका की पारी के 42वें ओवर में हुई. तो आइए जानते हैं कि डायरेक्ट हिट के बाद भी अंपायर ने नॉटआउट का फैसला क्यों दिया? 

करुणारत्ने बैकवर्ड प्वाइंट की दिशा में शॉट खेलकर रन के लिए दौड़ गए. लेकिन उन्हें दूसरे छोर से वापस लौटने का इशारा मिला और वह दोबारा अपनी क्रीज पर दौड़ गए. भारतीय खिलाड़ी ने गेंद फेंकी और ऐसा लगा कि गेंद डायरेक्ट स्टंप लग गई. 

सूर्यकुमार यादव का ‘बड़बोला बयान’ और गौतम गंभीर ने कर दी कप्तानी से छुट्टी! अंदर का सच आया सामने

मामले को थर्ड अंपायर के पास भेजा गया. रिप्ले में पाया गया कि गेंद आने से पहले भारतीय विकेटकीपर के दास्तानों से स्टंप के ऊपर मौजूद बेल्स गिर गईं. इसके बाद गेंद स्टंप पर लगी. हालांकि तब तक भी बल्लेबाज क्रीज के अंदर नहीं था. लेकिन बेल्स गेंद लगने से पहले ही गिर चुकी थीं. क्रिकेट नियम के मुताबिक, इस सूरत में खिलाड़ी को गेंद हाथ में लेकर स्टंप उखाड़ना होता है, तभी वह वैध रनआउट कर पाएगा. लिहाजा इसे अवैध मानकर नॉटआउट करार दिया गया. 

इंडिया-ए ने 8 रन से जीता मैच 

मुकाबले में इंडिया-ए ने पहले बैटिंग करते हुए 50 ओवर में 6 विकेट पर 277 रन बोर्ड पर लगाए. टीम के लिए रुतुराज गायकवाड़ ने सबसे बड़ी पारी खेलते हुए 114 गेंदों में 6 चौके और 3 छक्कों की मदद से 101 रन बनाए. इसके अलावा तिलक वर्मा ने 60 रनों की पारी खेली. 

फिर चेज के लिए उतरी श्रीलंका-ए 48.5 ओवर में 269 रन पर ऑलआउट हो गई. श्रीलंका के लिए कप्तान सहान अराच्चिगे ने सबसे बड़ी पारी खेलते हुए 72 गेंदों में 6 चौके और 2 छक्कों की मदद से 74 रन बनाए. इस दौरान भारत के लिए अरशद खान, अनुकूल रॉय, आयुष बदोनी और विपराज निगम ने 2-2 विकेट चटकाए. अंशुल कंबोज ने 1 विकेट लिया. 

 

यह भी पढ़ें: क्रिकेट में हुआ बड़ा उलटफेर… बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को 86 रन से चटाई धूल; 21 साल पुराना दोहराया इतिहास





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *