Headlines

Majhighariani Temple: ओडिशा के माँ माझीघरियानी मंदिर में ₹1.26 करोड़ का दान, नौ देशों की विदेशी मुद्राएं भी मिलीं


Majhighariani Temple: ओडिशा के रायगढ़ा जिले में स्थित माँ माझीघरियानी मंदिर एक बार फिर भक्तों की अटूट आस्था का केंद्र बन गया है. मंदिर प्रशासन द्वारा हाल ही में खोली गई नौ दान पेटियों (हुंडी) में नकद, सोना, चांदी और कई देशों की विदेशी मुद्राएँ मिली हैं.

कुल मिलाकर मंदिर को ₹1.26 करोड़ से अधिक का दान प्राप्त हुआ है. यह आंकड़ा न केवल मंदिर के प्रति श्रद्धालुओं के गहरे विश्वास को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि माँ माझीघरियानी की ख्याति अब देश की सीमाओं से आगे विदेशों तक पहुंच चुकी है.

नौ दान पेटियों से निकली करोड़ों की राशि:

मंदिर अधिकारियों के अनुसार, दान पेटियों की गिनती के दौरान ₹1,22,29,623 भारतीय मुद्रा प्राप्त हुई. इसके साथ ही 32 ग्राम सोना और 1.3 किलोग्राम चांदी भी श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित की गई.

इतना ही नहीं, डिजिटल माध्यम से भी भक्तों ने अपनी आस्था दिखाई. मंदिर ट्रस्ट को ऑनलाइन दान के जरिए ₹3,97,251.35 प्राप्त हुए. इस प्रकार नकद दान और ऑनलाइन योगदान को मिलाकर मंदिर की कुल प्राप्त राशि ₹1,26,26,874.35 तक पहुंच गई.

यह दर्शाता है कि आज श्रद्धालु पारंपरिक चढ़ावे के साथ-साथ डिजिटल माध्यमों से भी धार्मिक संस्थानों का सहयोग कर रहे हैं.

विदेशी भक्तों की आस्था भी दिखी:

दान पेटियों की गिनती के दौरान एक और दिलचस्प बात सामने आई. मंदिर प्रशासन को नौ देशों की विदेशी मुद्राएँ भी प्राप्त हुईं.

इन देशों में प्रमुख रूप से शामिल हैं—

  • अमेरिका
  • कनाडा
  • ऑस्ट्रेलिया
  • संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
  • नेपाल
  • कतर
  • फिलीपींस
  • और अन्य विदेशी देशों की मुद्राएँ

विदेशी मुद्राओं का मिलना इस बात का प्रमाण है कि माँ माझीघरियानी मंदिर में देश ही नहीं बल्कि विदेशों में रहने वाले श्रद्धालुओं की भी गहरी आस्था जुड़ी हुई है.

कड़ी सुरक्षा के बीच हुई दान की गिनती:

दान पेटियों को खोलने और दान राशि की गिनती की प्रक्रिया सुबह करीब 10 बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू की गई. पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की निगरानी में कार्य किया गया. इस दौरान 250 से अधिक स्वयंसेवकों ने नोटों की छंटाई और गिनती में सहयोग दिया, जबकि राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन के अधिकारी पूरे समय मौके पर मौजूद रहे. 

नोटों की गिनती और सत्यापन में ओडिशा ग्राम्य बैंक के अधिकारियों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. गिनती पूरी होने के बाद प्राप्त नकद राशि को मंदिर ट्रस्ट के अधिकृत बैंक खाते में जमा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई.

कई राज्यों से पहुंचते हैं श्रद्धालु:

रायगढ़ा जिले की अधिष्ठात्री देवी माँ माझीघरियानी के दर्शन के लिए केवल ओडिशा ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्यों आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं.

इसके अलावा देश के विभिन्न हिस्सों और विदेशों में रहने वाले भक्त भी समय-समय पर मंदिर आकर पूजा-अर्चना करते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार दान अर्पित करते हैं. यही कारण है कि मंदिर में हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं का आगमन होता है.

पिछले वर्षों की तुलना में क्या रहा अंतर?

मंदिर के आधिकारिक रिकॉर्ड बताते हैं कि इससे पहले 19 जनवरी को दान पेटियाँ खोली गई थीं. उस समय मंदिर को—

  • ₹1,05,52,845 नकद
  • 30 ग्राम सोना
  • 2.15 किलोग्राम चांदी प्राप्त हुई थी.

वहीं 7 जुलाई 2025 को हुई पिछली बड़ी गिनती में—

  • ₹1,04,36,963 नकद
  • 38 ग्राम सोना
  • 2.505 किलोग्राम चांदी
  • 12 देशों की विदेशी मुद्राएँ मिली थीं.

इस बार कुल दान राशि पहले की तुलना में और अधिक रही, जो मंदिर के प्रति लगातार बढ़ती आस्था को दर्शाती है. हालांकि इस बार सोने और चांदी की मात्रा में कुछ अंतर देखने को मिला, लेकिन कुल आर्थिक योगदान उल्लेखनीय रहा.

आस्था और विश्वास का प्रतीक बना माँ माझीघरियानी मंदिर:

माँ माझीघरियानी मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि लाखों लोगों की आस्था और विश्वास का केंद्र है. यहां आने वाले श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना के साथ देवी के चरणों में श्रद्धा अर्पित करते हैं. समय के साथ मंदिर में आने वाले भक्तों की संख्या और दान दोनों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है.

डिजिटल दान की बढ़ती भागीदारी और विदेशी मुद्राओं की मौजूदगी यह संकेत देती है कि मंदिर की पहचान अब वैश्विक स्तर पर भी मजबूत हो रही है. आने वाले समय में यह मंदिर ओडिशा के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में अपनी स्थिति को और मजबूत कर सकता है.

यह भी पढ़े- Numerology: मूलांक के अनुसार जुलाई में जन्मे लोग धनवान बनते हैं या जीवनभर करते हैं संघर्ष?

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *