ठाणे जिले में लगातार हो रही बारिश अब लोगों के लिए जानलेवा साबित होने लगी है. मुंबई और नवी मुंबई के बाद अब मुंब्रा से भी करंट लगने से एक किशोरी की दर्दनाक मौत का मामला सामने आया है. 17 साल की आलिया मोहम्मद चांदीवाला की बारिश के पानी में उतरे करंट की चपेट में आने से मौत हो गई. इस घटना के बाद इलाके में गम के साथ-साथ लोगों में भारी नाराजगी भी है. मामले में बिजली कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.
जानकारी के मुताबिक, मुंब्रा के यासमीन अपार्टमेंट के ग्राउंड फ्लोर में रहने वाली आलिया 1 जुलाई की शाम करीब 8:30 बजे अपने घर से पिता की दुकान की ओर जा रही थी. बिल्डिंग के मुख्य गेट के पास बारिश का पानी जमा था. जैसे ही उसने लोहे के गेट को छुआ, उसमें पहले से उतरे करंट की चपेट में आ गई और वहीं गिर पड़ी.
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बेटी को बचाने पहुंचे माता-पिता को भी लगा करंट
आलिया को तड़पता देख उसकी मां और पिता मोहम्मद साजिद चांदीवाला तुरंत उसे बचाने दौड़े, लेकिन उन्हें भी करंट का झटका लगा. आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह उन्हें वहां से हटाया. स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिल्डिंग की मुख्य बिजली सप्लाई पर टोरेंट पावर की ओर से ताला लगाया गया था.
इसी वजह से तुरंत बिजली बंद नहीं की जा सकी और काफी देर तक स्थिति गंभीर बनी रही. बाद में पास के ट्रांसफार्मर का कटआउट निकालकर पूरे इलाके की बिजली सप्लाई बंद की गई.
ट्रैफिक में फंसी एंबुलेंस, अस्पताल पहुंचने से पहले गई जान
हादसे के बाद एंबुलेंस को बुलाया गया, लेकिन भारी ट्रैफिक जाम के कारण वह समय पर मौके पर नहीं पहुंच सकी. इसके बाद आलिया को दूसरे वाहन से अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. डॉक्टरों के मुताबिक, उसकी मौत घटनास्थल पर ही हो चुकी थी.
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बिजली कंपनी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. लोगों का कहना है कि आपात स्थिति में बिजली सप्लाई तुरंत बंद करने की व्यवस्था नहीं होने से यह हादसा हुआ. मुंब्रा पुलिस स्टेशन में टोरेंट पावर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है.
जन्मदिन की तैयारियां थीं, घर में छाया मातम
परिजनों ने बताया कि आलिया का जन्मदिन 23 अगस्त को आने वाला था और उसका 12वीं कक्षा में दाखिला भी हो चुका था. परिवार उसके भविष्य को लेकर कई सपने देख रहा था, लेकिन एक हादसे ने सब कुछ खत्म कर दिया. पिता मोहम्मद साजिद चांदीवाला का कहना है कि अगर समय रहते बिजली बंद कर दी जाती, तो उनकी इकलौती बेटी आज उनके साथ होती.
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उन्होंने यह भी दावा किया कि हादसे के अगले ही दिन उसी इलाके में तीन अन्य बच्चों को भी करंट लगा था, हालांकि उन्हें समय रहते बचा लिया गया. इस घटना ने बारिश के दौरान बिजली सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
