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रवि बिश्नोई का पैर लाइन से आगे नहीं गया, फिर क्यों दी गई नो बॉल? जानें ICC का वो नियम, जिससे हारा भारत


Back Foot No Ball ICC Rule: रवि बिश्नोई (Ravi Bishnoi) को इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में टीम इंडिया की हार की बड़ी वजह माना जा रहा है. बिश्नोई ने 17वें ओवर में 29 रन खर्च किए, जिससे पूरे मैच का रुख पलट गया. इस दौरान उन्होंने दो ‘बैक-फुट नो-बॉल’ फेंकी. ऐसी नो बॉल जिसमें भारतीय स्पिनर रवि बिश्नोई का पैर लाइन से आगे नहीं गया था, लेकिन फिर भी उसे नो बॉल करार दिया गया. तो आइए जानते हैं कि इस नो बॉल को लेकर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (ICC) का क्या नियम है, जिससे टीम इंडिया हार गई. 

बैक फुट नो बॉल, क्या कहता है ICC का नियम

आपने देखा होगा कि जब किसी गेंदबाज का फ्रंट फुट क्रीज से बाहर पड़ जाता है, तो उस गेंद को नो बॉल करार दिया जाता है. इस गेंद पर एक फ्री हिट गेंद मिलती है. इसी तरह जब गेंदबाज का पैर क्रीज की साइड लाइन से बाहर पड़ता है, तो उसे बैकफुट नो बॉल कहा जाता है. 

बिश्नोई जिस तरह से एंगल बनाकर गेंदबाजी करते हैं, ऐसे गेंदबाजों के साथ बैक फुट नो बॉल की समस्या पेश आ सकती है. हालांकि स्पिनरों से बैक फुट नो बॉल होते बहुत कम देखी गई है. तेज गेंदबाज कभी-कभार बैक फुट नो बॉल डाल देते हैं. 

आईसीसी के नियम के अनुसार जैसे बाकी नो बॉल पर बल्लेबाज को एक फ्री हिट मिलता है, वैसे ही बैकफुट नो बॉल पर भी फ्री हिट प्राप्त होता है. बताते चलें कि बिश्नोई ने मुकाबले में 3 बैक फुट नो बॉल डालीं. 

बिश्नोई के ओवर से पलटी मैच की बाजी 

इंग्लैंड को अंतिम 4 ओवर में जीत के लिए 49 रनों की दरकार थी. 17वां ओवर लेकर आए रवि बिश्नोई ने 29 रन खर्च कर दिए. यहां से इंग्लिश टीम को 3 ओवर में 20 रनों की दरकरार रह गई थी. टीम ने 2 ओवर में ही 20 रन बनाकर 19 ओवर में मैच अपने नाम कर लिया. इस तरह बिश्नोई का ओवर टीम को बहुत महंगा पड़ गया. 

 

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