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Why India Lost vs ENG: लगातार दूसरी सीरीज हारा भारत, कप्तान श्रेयस अय्यर से लेकर कोच गंभीर तक सब ‘फेल’, क्या है वजह


भारतीय क्रिकेट टीम को इंग्लैंड के खिलाफ एक और शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा, चौथे टी20 में इंग्लैंड ने 9 विकेट से जीत दर्ज करते हुए सीरीज में अजेय बढ़त बनाई. श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम इंडिया लगातार दूसरी सीरीज हार चुकी है, इससे पहले टीम आयरलैंड के खिलाफ 0-2 से हारी थी. कप्तान ही नहीं हेड कोच गौतम गंभीर की भी कड़ी आलोचना हो रही है, उनकी रणनीति पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

लगातार बदलाव क्यों?

कई पूर्व खिलाड़ी पहले भी गौतम गंभीर को चेतावनी दे चुके हैं कि हर मैच के बाद बदलाव करना सही नहीं है. टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर की रणनीति पर सवाल खड़े हो रहे हैं. आयरलैंड के खिलाफ पहले मैच के बाद प्रसिद्ध कृष्णा और वाशिंगटन सुंदर को हटा दिया गया. एक मैच से उन्हें जज करना सही नहीं था, या तो पहले मैच में ही प्रिंस यादव को खिला दिया जाता.

प्रिंस यादव ने आयरलैंड के खिलाफ डेब्यू टी20 में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 में उन्हें शामिल नहीं किया गया. प्रसिद्ध और वाशिंगटन को इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टी20 में लाया गया, मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती को हटा दिया गया. हर मैच के बाद बदलाव दबाव को दर्शाता है.

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वर्ल्ड कप जिताने वाले खिलाड़ी को किया ड्राप

संजू सैमसन बेशक आयरलैंड के खिलाफ दोनों मैचों में नहीं चले थे, इंग्लैंड के खिलाफ पहले मैच में भी उनका बल्ला खामोश रहा लेकिन अपने वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट को एक और मौका दिया जा सकता था. बेशक वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग 11 में लाने की मांग उठ रही थी, लेकिन संजू सैमसन की जगह उन्हें लाना सही नहीं था. 

उपकप्तान तिलक वर्मा का बल्ला खामोश है, जिस मैच में वो कुछ रन बना भी रहे हैं तो स्ट्राइक रेट कम रहता है. उन्हें हटाया जा सकता था, लेकिन उन्हें बैक किया गया और विश्व कप के हीरो को बाहर किया गया. इस फैसले की भी कई पूर्व खिलाड़ी आलोचना कर चुके हैं.

5 प्रॉपर गेंदबाज नहीं खिला पा रही है टीम इंडिया

टीम इंडिया की सबसे बड़ी ताकत बल्लेबाजी है, लेकिन प्लेइंग 11 को देखकर लगता है कि कप्तान और कोच को अपने बल्लेबाजों पर भी पूरा भरोसा नहीं है. 8वें नंबर तक भारत बल्लेबाजी चाहता है, लेकिन गेंदबाजी का क्या. अनिल कुंबले भी इसको लेकर सवाल उठा चुके हैं कि बल्लेबाज रन बनाते हैं और गेंदबाज मैच जिताते हैं, इसलिए 5 प्रॉपर गेंदबाज होना जरुरी है. अभी टीम में बहुत ज्यादा ऑलराउंडर हैं. कल के मुकाबले में भी अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर और शिवम दुबे के रूप में 3 ऑलराउंडर खेल रहे थे.

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वैभव सूर्यवंशी के आने से बढ़ी इनसिक्योरिटी?

हालांकि ऐसा नहीं है कि वैभव सूर्यवंशी के आने के बाद से भारत मैच हारी है, क्योंकि आयरलैंड के खिलाफ हुए दोनों मैचों में वह नहीं खेल रहे थे. लेकिन फिर भी वो टीम का हिस्सा थे, ऐसे में अन्य बल्लेबाजों पर दबाव बढ़ गया है कि उन्हें तेज गति से रन बनाने हैं नहीं तो वैभव उनकी जगह ले सकते हैं. रवि शास्त्री ने भी कहा था कि अगर वैभव एक बार प्लेइंग 11 में आए तो उन्हें रिप्लेस करना मुश्किल होगा. ऐसे में अन्य खिलाड़ियों में इनसिक्योरिटी होना लाजमी है. इसको लेकर कप्तान श्रेयस अय्यर और हेड कोच गौतम गंभीर पर सवाल उठते हैं कि उन्होंने इस स्थिति को अच्छे से संभाला नहीं.



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