देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने रविवार (19 जुलाई, 2026) को प्रस्तावित डिलिमिटेशन बिल (परिसीमन विधेयक) को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. पार्टी ने कहा है कि डिलिमिटेशन बिल पर कांग्रेस की तरफ से समर्थन देने की बात पूरी तरह से झूठी और बेबुनियाद है.
परिसीमन बिल पर क्या बोले जयराम रमेश?
कांग्रेस के महासचिव और संचार विभाग के प्रमुख जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रविवार (19 जुलाई, 2026) को एक पोस्ट शेयर किया. पोस्ट में जयराम रमेश ने केंद्र सरकार की तरफ से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में प्रस्ताविक परिसीमन बिल पर कांग्रेस के समर्थन करने के दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया.
उन्होंने अपने पोस्ट में आरोप लगाते हुए कहा, ‘कुछ टीवी चैनल जानबूझकर मनगढ़ंत खबरों को दिखा रहे हैं कि सरकार की तरफ से आयोजित ऑल पार्टी मीटिंग में परिसीमन विधेयक को समर्थन मिला है. यह पूरी तरह से झूठी और बेबुनियाद बात है.’
Certain TV channels are flashing obviously planted news that there has been support for the Delimitation Bill in the on-going All-Party meeting. This is completely BOGUS and FAKE news.
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) July 19, 2026
क्या था पूरा मामला?
दरअसल, संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से एक दिन पहले रविवार (19 जुलाई, 2026) को केंद्र सरकार सभी राजनीतिक दलों की एक बैठक बुलाई. इस बैठक में संसद के सुचारु संचालन और सरकार के विधायी एजेंडे पर चर्चा की गई, लेकिन बैठक के दौरान एक खबर सामने आई कि सर्वदलीय बैठक में सरकार की तरफ से प्रस्तावित परिसीमन विधेयक यानी डिलिमिटेशन बिल सभी दलों की तरफ से समर्थन किया गया है, लेकिन इस बीच कांग्रेस पार्टी ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि यह झूठी खबर है, परिसीमन बिल ने कोई समर्थन नहीं दिया गया है.
ऑल पार्टी मीटिंग से विपक्ष ने क्यों किया वॉकआउट?
वहीं, संसद के सुचारू संचालन में सहयोग और विधायी एजेंडों पर चर्चा के लिए बुलाई गई सर्वदलीय बैठक से पहले विपक्षी पार्टी के नेताओं ने सरकार के एक फैसले के विरोध में मीटिंग से प्रतीकात्मक रूप से वॉकआउट भी किया था. दरअसल, केंद्र सरकार की तरफ से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने इस अहम बैठक में भाग लेने के लिए तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों, जो नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया में शामिल हो गए, को भी आमंत्रित किया था, जिसका विपक्षी दलों ने विरोध किया.
All Opposition parties staged a walkout from the All-Party meeting for a few minutes. This was a mark of protest against the decision of the Modi Govt to invite the NCPI that is a parking place for 20 so-called ‘rebel’ TMC MPs when a final decision is still pending with the…
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) July 19, 2026
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक अन्य X पोस्ट में सरकार के इस फैसले का आपत्ति जताते हुए कहा, ‘सभी विपक्षी दलों ने सर्वदलीय बैठक से कुछ मिनटों के लिए वॉकआउट किया. यह मोदी सरकार द्वारा NCPI को सर्वदलीय बैठक में आमंत्रित किए जाने के विरोध में था. NCPI फिलहाल TMC के 20 ‘बागी’ सांसदों की पार्किंग का ठिकाना बनी हुई है, जबकि इस मामले पर लोकसभा अध्यक्ष का अंतिम निर्णय अभी लंबित है.’
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