Why Are People Afraid Of Lizards: अक्सर आपने देखा होगा कि कई लड़कियां कुत्ते, घोड़े या दूसरे बड़े जानवरों के साथ बिना किसी डर के रहती हैं, लेकिन जैसे ही दीवार पर छिपकली दिखाई देती है, वे घबरा जाती हैं. चीखना, अचानक पीछे हट जाना या तुरंत वहां से भाग जाना आम बात है. सवाल यह है कि आखिर एक छोटी और लगभग नुकसान न पहुंचाने वाली छिपकली से इतना डर क्यों लगता है?, जबकि वो तो हमें काटती भी नहीं हैं. इसका जवाब सिर्फ आदत या वहम नहीं, बल्कि हमारे ब्रेन के सिस्टम में छिपा है.
क्यों होता है ऐसा?
एक्सपर्ट के अनुसार, जब दिमाग किसी चीज को खतरे के रूप में महसूस करता है, तो वह तुरंत प्रतिक्रिया देता है. इस प्रक्रिया में दिमाग का एक हिस्सा, जिसे एमिग्डाला कहा जाता है, सक्रिय हो जाता है। यही हिस्सा भावनाओं को कंट्रोल करता है और शरीर में ‘फाइट या फ्लाइट’ यानी मुकाबला करने या वहां से भागने की प्रतिक्रिया शुरू कर देता है. इसके बाद शरीर में एड्रेनालिन जैसे तनाव वाले हार्मोन निकलने लगते हैं, जिससे दिल की धड़कन तेज हो जाती है, सांसें तेजी से चलने लगती हैं और पसीना आने लगता है. यही वजह है कि कई लोगों को छिपकली देखते ही घबराहट महसूस होने लगती है, जबकि वे जानते हैं कि उससे कोई वास्तविक खतरा नहीं है.
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डर के पीछे होता है यह कारण?
चार्ल्स यूनिवर्सिटी के साइंटिस्ट के मुताबिक, हमारा दिमाग हर बार असली खतरे और केवल महसूस होने वाले खतरे में तुरंत फर्क नहीं कर पाता. अगर किसी चीज को लेकर एक बार डर की प्रतिक्रिया बन जाए, तो शरीर कई बार सोचने-समझने से पहले ही उसी तरह प्रतिक्रिया देने लगता है. अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन भी मानता है कि फोबिया में व्यक्ति का डर वास्तविक खतरे की तुलना में कहीं ज्यादा होता है, लेकिन उसे यह डर पूरी तरह सच महसूस होता है.
क्यों पनपता होता है डर?
मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, छिपकली का डर कई वजहों से विकसित हो सकता है. कुछ लोगों में यह बचपन के किसी अनुभव से जुड़ा होता है, जबकि कई लोग अपने माता-पिता या परिवार के अन्य सदस्यों को छिपकली से डरते हुए देखकर भी यही डर सीख लेते हैं. इसे स्पेसिफिक फोबिया कहा जाता है, जिसमें किसी खास चीज या स्थिति को लेकर जरूरत से ज्यादा डर महसूस होता है. हालांकि यह फोबिया सांप या मकड़ी के डर जितना आम नहीं है, लेकिन इसके बनने की प्रक्रिया लगभग वैसी ही होती है. स्टडी में यह भी सामने आया है कि इंसानों का दिमाग उन जीवों के प्रति ज्यादा सतर्क रहता है, जो अचानक तेजी से हरकत करते हैं. छिपकली का अचानक दौड़ना, उसकी अलग शारीरिक बनावट और बिना किसी चेतावनी के सामने आ जाना दिमाग में खतरे की भावना पैदा कर सकता है.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
