CJP Protest: नीट पेपर लीक और छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि नीट परीक्षा में पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जवाब देना चाहिए.
प्रियंका का सरकार पर हमला
प्रियंका गांधी ने सवाल उठाया कि अब तक इन दोनों मंत्रियों की जवाबदेही क्यों तय नहीं की गई. उन्होंने कहा कि इसका जवाब खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि संसद की कार्यवाही नहीं चल पाने के लिए भी सरकार जिम्मेदार है. प्रियंका ने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि संबंधित मंत्री कब इस्तीफा देंगे और इस पूरे मामले की जवाबदेही कौन लेगा.
प्रियंका गांधी ने पत्रकारों से बाचतीत करते हुए कहा कि क्या आपने अमित शाह से पूछा कि छात्रों पर लाठियां क्यों चलवाईं, बच्चे हॉस्पिटल में क्यों हैं? किसलिए… क्या ये छात्र आतंकवादी हैं? उन्होंने आगे कहा कि जब आप सरकार से ये सवाल करेंगे, तब मैं आपके सवालों का जवाब दूंगी.
वहीं, मक्कल निधि मय्यम (एमएनएम) के संस्थापक और राज्यसभा सांसद कमल हासन ने भी नीट विवाद और छात्रों के आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि जब बच्चे सवाल पूछते हैं तो उन्हें जवाब देने के बजाय बैरिकेड और लाठियां मिलती हैं, जो किसी भी लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है.
कमल हासन ने पूछे सवाल
सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखी अपनी पोस्ट में कमल हासन ने कहा, “जब एक बच्चा रोया था, तभी हमें उसकी बात सुननी चाहिए थी. इसके बजाय हमने तब तक इंतजार किया, जब तक हमारे बहुत सारे बच्चों की मौत नहीं हो गई. ऐसा तंत्र, जिसमें सीखने की जगह कोचिंग, जिज्ञासा की जगह बेचैनी और मेधा की जगह अपराध ले लेते हैं, वह पूरी तरह से विफल है.”
उन्होंने आगे कहा कि “देश तब नाकाम हो जाता है, जब बच्चों को जवाब के बजाय बैरिकेड और लाठियां मिलती हैं.” कमल हासन ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अपना अनशन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि देश को आगे के संघर्ष में उनकी अंतरात्मा की आवाज की जरूरत है.
उन्होंने देश के छात्रों के नाम संदेश देते हुए लिखा, “आप हममें से सबसे बेहतर हैं. आपने अपना फर्ज निभाया है, अब देश की बारी है कि वह आपके प्रति अपना फर्ज निभाए. आपके सपने हमेशा हमारी नाकामियों से बड़े हों.” नीट पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर दबाव बना रहा है. संसद के भीतर और बाहर इस मुद्दे पर राजनीतिक घमासान जारी है, जबकि विपक्ष परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहा है.
ये भी पढ़ें: CJP से बात करने जंतर-मंतर जाएंगे मंत्री? मानी शर्त, मोदी सरकार बोली- आइए बैठकर करें बात
