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डूंगरपुर: आदिवासी इलाके से शिक्षकों के तबादले का विरोध तेज, सरकार से की ये बड़ी मांग


राजस्थान के डूंगरपुर जिले में आदिवासी बहुल क्षेत्रों से शिक्षकों के स्थानांतरण (Transfer) का विरोध तेज हो गया है. भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा और भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन करते हुए शिक्षकों के तबादले तत्काल निरस्त करने की मांग की है. संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के नाम प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा.

इसके साथ ही, प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विद्यार्थियों के आंदोलन का समर्थन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग उठाई है.

‘पहले से शिक्षकों की कमी, तबादलों से चरमराएगी शिक्षा व्यवस्था’

डूंगरपुर में भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा और मुक्ति मोर्चा के बैनर तले जुटे कार्यकर्ताओं ने तबादला नीति पर गंभीर सवाल उठाए. ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि आदिवासी क्षेत्र पहले से ही शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रहा है. ऐसे में यहां कार्यरत शिक्षकों का दूर-दराज के क्षेत्रों में स्थानांतरण शिक्षा व्यवस्था को और कमजोर कर देगा.

संगठन ने सरकार से मांग की है कि तबादलों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए और रिक्त पदों पर शीघ्र नई नियुक्तियां (Recruitments) की जाएं, ताकि आदिवासी बहुल इलाकों के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो.

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जंतर-मंतर आंदोलन का समर्थन, शिक्षा मंत्री से मांगा इस्तीफा

संगठन के पदाधिकारियों ने राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे शिक्षा विवादों पर भी अपना रुख स्पष्ट किया. उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विद्यार्थियों के आंदोलन का समर्थन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की.

ज्ञापन में उठाई गईं प्रमुख प्रशासनिक मांगें

राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में शिक्षकों की सेवा शर्तों और प्रशासनिक सुधारों को लेकर कई अहम बिंदु रखे गए हैं.

  • आदिवासी क्षेत्रों में स्कूल, कॉलेज, छात्रावास और अस्पतालों के विकास में बेहतरीन योगदान देने वाले शिक्षकों के स्थानांतरण पर रोक लगाई जाए.
  • आदिवासी बहुल क्षेत्र के सभी स्कूलों में रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरा जाए.
  • अनुसूचित जनजाति (ST) के फर्जी प्रमाण-पत्र के आधार पर नियुक्त शिक्षकों की गहन जांच कराई जाए.
  • आदिवासी विद्यार्थियों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले शिक्षकों का तत्काल अन्य जिलों में स्थानांतरण किया जाए.
  • जर्जर हो चुके स्कूल भवनों का पुनर्निर्माण करवाया जाए.

मांगें नहीं मानीं तो होगा उग्र आंदोलन

प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा और भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा के पदाधिकारी व बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे. संगठनों ने सरकार और प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की गई, तो इस आंदोलन को और व्यापक व उग्र रूप दिया जाएगा.

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