राजधानी दिल्ली में गुरुवार (24 जुलाई) को कथित नीट पेपर लीक के खिलाफ विपक्ष का विरोध प्रदर्शन और तेज हो गया. इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने तीस जनवरी मार्ग स्थित गांधी स्मृति में सांकेतिक प्रदर्शन किया. इस बीच राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सांसद सुधाकर सिंह ने सरकार पर हमला बोला है.
उन्होंने कहा, “एक ऐसी तानाशाही सरकार से मुकाबला हुआ है, जो अंग्रेजों से भी ज्यादा तानाशाह लोग हैं. ये लोकतंत्र के नए तानाशाह हैं.” गांधी स्मृति पर जाने के उद्देश्य बताते हुए कहा, “गांधी जी को इसलिए नमन किया है क्योंकि गांधी के हत्यारे इस देश की सत्ता पर काबिज हैं. लोगों ने जनमत दिया. आज देश देख रहा है कि आज ये हत्यारे बच्चों के भविष्य के हत्यारे हैं. सरकार लाठी-डंडे की भाषा बोल रही है. पूरी दिल्ली को छावनी में तब्दील कर दिया गया है.”
सुधाकर सिंह ने आगे कहा, “यहां पर लोगों की आवाज दबाई जा रही है. लोकतांत्रिक अधिकारों को खत्म किया जा रहा है. ऐसे में गांधी प्रासंगिक हैं कि अब नए तरीके से इस देश में नई आजादी की लड़ाई लड़नी होगी.” उन्होंने यह भी कहा, “12 साल में 152 बार पेपर हुआ. इसमें एक भी गिरफ्तारी नहीं है, एक व्यक्ति दंडित नहीं है.
सुसाइड करने वालों छात्रों के लेकर निकाला मार्च
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने तीस जनवरी मार्ग स्थित गांधी स्मृति में सांकेतिक प्रदर्शन किया. यह विरोध-प्रदर्शन उन छात्रों के समर्थन में किया गया जिन्होंने पेपर लीक विवाद के बाद आत्महत्या कर ली थी और जो हाल के प्रदर्शनों में घायल हुए थे.
अपनी पहचान बन चुकी सफेद टी-शर्ट पहने राहुल गांधी ने राष्ट्रीय ध्वज और संविधान की एक प्रति हाथ में ली हुई थी, जबकि उनके साथी सांसदों ने मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकर शाम को रोशन किया, जिससे कैंडललाइट मार्च जैसा माहौल बन गया. इस सभा का मकसद उस बात को उजागर करना था जिसे विपक्ष ने युवा उम्मीदवारों के भविष्य की सुरक्षा करने में सरकार की विफलता बताया.
इससे पहले दिन में विपक्ष के सांसदों के बैठक के लिए गांधी के आवास पर इकट्ठा होने के बाद वहां बैरिकेड लगा दिए गए थे. बातचीत के बाद, राहुल गांधी ने एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर स्थित गांधी स्मृति तक मार्च करने की अपनी योजना की घोषणा की.
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