हैदराबाद पुलिस ने शुक्रवार को एक स्टिंग ऑपरेशन के जरिए 5 लाख रुपये में नवजात बच्ची को बेचने की कथित कोशिश को नाकाम कर दिया और वहीदा खातून नाम की महिला को गिरफ़्तार किया. यह ऑपरेशन पहाड़ी शरीफ में JGR फंक्शन हॉल के पास मिली पक्की जानकारी के आधार पर किया गया. पुलिस ने तब कार्रवाई की जब सौदा होने ही वाला था.
अधिकारियों ने बताया कि चंद्रयानगुट्टा की रहने वाली आरोपी महिला को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया और नवजात बच्ची सुरक्षित मिली. पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला ने बरकास की पीली दरगाह पर मेहरुन्निसा नाम की महिला से संपर्क किया और बच्ची को बेचने का प्रस्ताव दिया. उसने शुरू में कीमत 6 लाख रुपये बताई थी, लेकिन बातचीत के दौरान इसे घटाकर 5 लाख रुपये कर दिया.
सौदा पहले शाहीन नगर में होने वाला था, लेकिन बाद में जगह बदलकर पहाड़ी शरीफ़ कर दी गई. पुलिस ने सामाजिक कार्यकर्ता सफिया माही की मदद से यह तेज़ ऑपरेशन चलाया; सफिया ने सौदा रोकने के लिए जाल बिछाने में सहयोग किया. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि बच्ची की असली मां गोलकोंडा की रहने वाली है. उसने मंगलवार को बच्ची को जन्म दिया था और जिस दिन बच्ची को बचाया गया, उसी दिन उसे मलकपेट के एक अस्पताल से छुट्टी मिली थी.
जांच में जुटी पुलिस
अधिकारी अब उन हालात की जांच कर रहे हैं जिनकी वजह से नवजात को बेचने की कथित कोशिश की गई और यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या इसमें बच्चों की तस्करी करने वाला कोई बड़ा नेटवर्क शामिल है. पुलिस मामले से जुड़े बिचौलियों या संभावित खरीदारों की भूमिका की भी जांच कर रही है.
अब तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार बच्ची की मां को न तो गिरफ़्तार किया गया है और न ही उसे संदिग्ध माना गया है. अधिकारियों ने इस कथित सौदे में उसकी भूमिका या जानकारी के बारे में कोई खुलासा नहीं किया है. स्थानीय पुलिस ने पुष्टि की है कि आगे की जांच जारी है. तस्करी की संदिग्ध कोशिश और नाकाम हुए सौदे से जुड़ी घटनाओं की जांच के दौरान और भी गिरफ़्तारियां हो सकती हैं.
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